मैं तो
चाहता था कि
गुलाब की उस
कोमल कली को
सीने से
लगाकर
पूरा खिला दूं
पूर्णता का
एहसास
करा दूं
पूनम का
चांद
बना दूं
पर मुझे क्या
मालूम था कि
माली मुझे
इसकी
इजाजत न देगा
और
वो मेरे सीने से
न लग पाने के
गम में
बिना खिले ही
दम तोड़ देगी
29 Aug, 2007
इजाजत
Subscribe to:
Post Comments (Atom)






























0 एतय क्लिक कय अपन comment... विचार लिखु:
Post a Comment