पिछला दिन जखन ई खबर आयल कि दरभंगा में Indian Institute Of Information Technology...IIIT खुलत त बड़ खुशी भेल...दोस सभ स गप्प सेहो भेल जे फातमीजी ई नीक काज कयलाह...मो. अली अशरफ फातमी दरभंगा सं सांसद आ केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री छथिन्ह...दरभंगा के लेल ओ अपना भरसक प्रयास करय छथिन्ह...मुदा जखन नवका खबर ई पता लागल जे प्रधानमंत्री कार्यालय सं फिलहाल एहि पर काज आगा नहिं बढ़ाबय लेल कहल गेल अछि...त सभ उत्साह पर पानि फिर गेल...मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह बिहार में आईआईटी... आईआईएम...आईआईआईटी खोलय चाहैत छलथिन्ह...मानल जाइत छल जे आईआईटी पटना के पास बिहटा में आओर आईआईआईटी दरभंगा में खुलत...मुदा प्रधानमंत्री कार्यालय सं ई कहल गेल जे एहि बारे में कोनो फैसला एकटा तंत्र लेत...आब उ तंत्र कहिआ बनत...कहिआ ओकर फैसला आयत...ओहि में कोन कोन बात पर चर्चा कएल जाइत.. ई सभ तय होय में कई साल लगि जाइत...
कहल जा रहल छै जे केन्द्र में सरकार के किछु सहयोगी अपना अपना राज्य में आईआईटी... आईआईएम.. आओर दोसर संस्थान खोलय चाहैत छथिन्ह...सहयोगी के दबाब आओर चुनाव के आहट देखि सरकार फिलहाल एकरा ठंडा बस्ता में रखनाय बेहतर विकल्प बुझैत अछि. बिहार में जतय कोनो खास उद्योग धंधा नहिं अछि आईआईटी...आईआईएम...आईटी..फैशन...पत्रकारिता संस्थान खोलि शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित कएल जा सकैत अछि..जहि सं स्थानीय लोक के रोजगार त मिलबे करत शिक्षा के प्रचार प्रसार सेहो होयत..जागरूकता फैलत..लोकक जीवन स्तर में सुधार आयत.
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कहिआ खुलत आईआईआईटी ?
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Labels: career, करियर, मिथिला- मैथिली
जयनगर तक ट्रेन
दरभंगा जयनगर बड़ी लाइन बनला के बाद अखनो लोक के परेशानी कम नहिं भेल अ...ट्रेन कम भेला सं अखनो लोक के घंटों इंतजार करय पड़य छै...चारि-चारि..पांच पांच घंटा तक एको टा ट्रेन नहिं मिलैत छै...प्लेटफॉर्म पर बैठल ट्रेनक रस्ता देखैत रहुं...ओना आब कोलकाता...हाबड़ा जाई वाला एकटा आओर ट्रेन धुरियान फास्ट पैसेंजर के दरभंगा सं बढ़ा कय जयनगर तक कए देल गेल अ...मुदा धुरियान तं शुरुए सं अपन देर सं चलय के लेल बदनाम रहय अई...आ आब त एकर दूरी आओर बढि गेल... देखु कि होइछ...लोकक त बेहतरी के उम्मीद लएक चलैत छथि....ओना बड़ी लाइन के उद्घाटन के समय रेल मंत्री लालू यादव कहने छलथिन्ह जे जल्दीए गरीब रथ आओर दोसर ट्रेन के जयनगर तक क देल जाइत..मुदा जयनगर तक नहिं भेलाह सं अखनो बस..जीप टेम्पू में लटैक क यात्रा करय लेल मजबूर छथि...ट्रेन में सेहो कम बेस सेहे स्थिति रहैत अछि...चलु धुरियान सं शुरुआत भेल अ...दोसरो चलबे करत...नहिं चलय के एकटा कारण जयनगर में एखन ट्रेन लगाबय के ...देखरेख के सभ सुविधा नहिं होनाय सेहो छै...जेना जेना सुविधा उपलब्ध भेल जाइत..ट्रेनक संख्या सेहो बढ़ल जाइत...त आबय वाला दिन में बेहतरी के उम्मीद कएल जा सकय अ.
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Labels: मिथिला- मैथिली
बाबाक प्रतिमा कोलकाता में
कवि. कथाकार बाबा नागार्जुनक प्रतिमा कोलकाता के तारा सुंदरी पार्क में लगावल जाइत...खबर आई जे मिथिलाविकास परिषद कोलकाता के तरफ सं हुनकर प्रतिमा लगाबय के लेल कोलकाता नगर निगम सं मंजूरी मिलि गेलअछि... आओर हुनकर प्रतिमा के अनावरण 30 दिसंबर के कोलकाता के मेयर विकास रंजन भट्टाचार्य करताह... एहि सं पहिने कोलकाता के गिरीश पार्क में महाकवि विद्यापति क प्रतिमा सेहो लागि चुकल अछि...एहि अवसर परओहि ठाम कवि गोष्टी, वाद-विवाद आ सांस्कृतिक कार्यक्रम सेहो होयत.
बाबा नागार्जुन के नाम सं मशहूर मैथिली -हिन्दी क जनकवि बैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' जीक जन्म दरभंगा के तरौनीगाम में भेल छलन्हि...बाबा मैथिली में यात्री आओर हिन्दी में बाबा नागार्जुन के नाम सं मशहूर छलाह...मैथिलीकाव्य संग्रह...पत्रहीन नग्न गाछ... के लेल हिनका साहित्य अकादमी पुरस्कार सं सम्मानित कएल गेल छल.
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गामक कोजागरा
गाम घर सं बाहर रहला पर कतेक चीज पाछा छुटि जाइत अछि... एकरा अहां एहि बात सं बुझि सकय छी जे आई कोजगरा अई आ दिल्ली में रहला के कारण हमरा ध्यान पर नहिं छल...सांझ में जखन गाम फोन कयलौंह त मां कहलथिन्ह जे भैया पूजा के तैयारी में जुटल छथिन्ह...आई कोजागरा छै न ! ...अहां पान मखान खा लेब...हम कहलन्हि हमरा ध्याने पर नहिं छल.
गाम-घर पर रहला पर कोजगरा में बड़ उत्साह रहैत छल... मखान... पान.. मिश्री... बताशा.. नारियल.. मेवा.. मिठाई सभक पूजा होइल छल...गाम भर के लोक में बांटल जाइत छल आओर हमहुं सभ झुंड में लोक सभक दलान पर जा मखान मिश्री खाइ छलहुं...
कोजागरा आश्विन पूर्णिमा के मनायल जाइत छै...मानल जाइ छै आश्विन पूर्णिमा के राति सभसं उजर होइछ...एहि राति चांद अपन सभ शीतलता...प्रकाश लोक के द दैत छथिन्ह... ई दुर्गापूजा आओर दिवाली के बीच में पड़य छै...कोजागरा पावनि में घर के कुलदेवता या कुलदेवी के पूजा होइत अछि...आ सभसं बड़का बात ई छै जे जहि घर में कोनो शादी -विवाह भेल रहय छै हुनका ओहिठाम विशेष पूजा होइ छै...नव विवाहित लोकक ओहिठाम विशेष रमन चमन रहय छै...जेहि लड़का के एहि बेर शादी भेल होयतन्हि ओ सभ अखन गाम में होताह....एहि में लड़की वाला ओतय सं लड़का वाला के ओहिठाम मखान..पान...मिश्री...कई तरहक मेवा..मिठाई भेजल जाइत अछि...आ सामान सभ के डाला में खूब नीक सं सजा क भेजल जाइल अछि...डाला में लाल धान रखि... ओकरा ऊपर सभ सामान के सजाकय रखल जाइत अछि... पान, मखान, मेवा आओर मिठाई के संगहि वरपक्ष के सभ लोकक लेल कपड़ा...कौड़ी..पचीसी भेजय के सेहो रिवाज छै...कहल जाइत अछि जे कोजागरा के दिन पचीसी खेलनाय शुभ होइछ...एहि दिन राति में गीत-नाद सेहो होइछ...आओर लड़की पक्ष सं जे बोरा भरि-भरि मखान आबैत अछि ओकरा गाम भरक लोक सभ में बांटल जाइत अछि...भोज -भात सेहो होइछै...मिथिला के एहि तरहक परम्परा के तं बाते नहिं करु...गाम पर नहिं रहला पर केवल यादे टा आबैत रहय छै.
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Labels: पावनि- त्योहार
म्यूचुअल फंड में निवेश
शेयर बाजार में उठापठक जारी छै...पी नोट के असर अखन तक कम नहिं भेल अ...जिनका बाजार में समझि छैन हुनका लेल त कोनो दिक्कत नहिं...मुदा नवका लोक के लेल त बाजार के उतार-चढ़ाव जानमारुक छै...आई शेयर बाजार के बढ़ला पर पाई लगैलऔ नहिं कि दोसर दिन बाजार धम्म सं नीचा खसि पड़ल..आब कि करल जाई...सीधा फंडा छै अगर अहां के बाजार के गणित समझि में नहिं आबैत अछि त ओकरा छुबय के कोशिश नहिं करू...अहां के लेल बाजार में घुसय के दोसर रास्ता छै...ओ छै म्यूचुअल फंड के...
आब अहां कहवय जे ई म्यूचुअल फंड की छै त..ई बाजार में पाइ लगाबय के दोसर तरीका छै..एहि में एकटा फंड हाउस या कंपनी जे कहिऔ होयछ...ओ बाजार में कोनो फंड लाबय छै...फंड के देखरेख करय लेल फंड मैनेजर होय छै...एहि में एक आदमी के नहिं कई आदमी के पाई एक ठाम जमा कए क बाजार में लगायल जाई छै...एहि में अहांक निवेशक ऊ फंड मैनेजर पर निर्भर रहय छै...ओ फायदा..नुकसान के हिसाब रखि शेयर में निवेश करय छथिन्ह..आओर ज फायदा..नुकसान होइछ ओकरा सभ पाई लगाबय वाला में बांटि देल जाइछ...शेयर बाजार में म्यूचुअल फंड के जे दाम होइछ ओकरा नेट असेट वैल्यू...एनएवी कहल जाइत अछि...
बाजार में कई तरहक म्यूचुअल फंड छै..बाजार में शुरू में जब कोनो फंड आबय छै..त ओकरा इनिशियल पब्लिक ऑफर...आईपीओ कहल जाइ छै...फंड के बारे में पुरा जानकारी ओकर ऑफर डॉक्युमेंट रहय छै..अगर अहां चाहय छी की अहांक पाइ सुरक्षित रहय त एकरा ध्यान सं पढनाय जरूरी रहय छै..एहि में फंड के बारे में सभ जानकारी अहां के मिलत...रिस्क फैक्टर, लोड ...एंट्री लोड... एग्जिट लोड... स्विचिंग चार्जेज...दोसर खर्च, असेट अलोकेशन केना होयत..इक्विटी फंड छै कि बैलेंस्ड फंड...ओपन एंडेड छै कि क्लोज एंडेड. एकरा संगहि इहो देख लेल करु जे एहि सं पहिने उ कंपनी..फंड हाउस के प्रदर्शन केहन रहल अछि...
साफ छै जे बाजार में घुसय सं पहिने पुरा सावधानी बरतय के जरूरत छै...फंड मैनेजर अहां के पाई के देखरेख करय लेल छै...ओकरा ओहि लेल पाइ मिलय छै...ओ बाजार पर नजर रखय छै आओऱ बाजार के नब्ज के समझय छै...अहां अगर बाजार में ओना पाई लगायब त भ सकय अ बढिया शेयर में पाइ नहिं लगा पायब..किएक त बढिया कंपनी...ब्लूचिप शेयर के भाव बहुत ज्यादा रहय छै.. एकर उपाय म्यूचुअल फंड छै...म्यूचुअल फंड अहांक पाइ के ऊ बढ़िया-बढ़िया मजबूत कंपनी के शेयर में लगाबय छै जकरा बारे में ऊ समझय छथिन्ह जे आगा जा क मुनाफा देत...एहि में हजार आदमी..लाख आदमी के पाइ एक जगह जखन जमा हो जाइछ त इ पाई के फंड मैनेजर किछु नीक कंपनी में लगा दैत छथिन्ह... अगर 65 फीसदी सं ज्यादा इक्विटी में पाइ लगायल जाइ छै..त ओकरा इक्विटी फंड कहल जाइछ..जहि में इक्विटी आओर डेट..ऋण फंड में बराबर निवेश कएल जाइछ ओकरा बैलेंस्ड फंड कहल जाइछ...आओर एक लाख रुपया सं कम पाइ लगाबय वाला के छोट निवेशक मानल जाइत अछि...एकटा बात आओर एक साल यानी 365 दिन सं ज्यादा के निवेश लॉग टर्म में आबि जाइत अछि आओर ओकर टैक्स में फायदा सेहो छै..
जखन पाइ लगाबय के अछि त ध्यान रखु जे कम स कम तीन साल के लेल जरूर पाइ लगायल जाय...ओना जतेन दिन ज्यादा रहत फायदा ज्यादा रहत...लेकिन ओहि फंड पर..ओकर ट्रेक रिकॉर्ड पर नजर जरूर राखु कि ओ नीक क रहल छै कि नहि..अगर ओकर प्रदर्शन ठीक नहिं छै त ओकरा निकाल दोसर नीक फंड में पाइ लगा लिय..म्युचुअल फंड के एकटा सभस नीक बात ई छै जे अहां एहि में किस्त में पाइ जमा क सकय छी...सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान...एसआईपी के माध्यम सं... एहि में अहां साल में एक बेर ज्यादा पाइ जमा नहिं क...हर महीने..हर तीन महीना पर पाइ जमा कर सकय छी...अहां पांच सय रुपया सं शुरू कय सकय छी...एसआईपी के माध्यम सं पाइ लगयला पर बाजार के उतार चढाव के जोखिम कम भ जाइ छै... जखन बाजार उपर रहय छै तखन त ठीक छै...अगर नीचा गेल त ज्यादा यूनिट मिल जाइछ...आओर सभ जोड़ि के देखल जाइ..औसत निकालल जाइ त एक बेर पाइ लगएला के तुलना में ई नीक रहय छै...एक बात आओर ध्यार रखय के छै जे अपन सभ पाइ एके टा शेयर..म्यूचुअल फंड में नहिं लगाउ...दु तीन टा नीक फंड के देखि पड़खि पाइ लगाउ...फंड के नाम पर नहिं जाउ..कंपनी के पहिने के प्रदर्शन...ओकर फंड मैनेजर के अछि...फंड हाउस मजबूत छै कि नहिं सभ देखि पाइ लगाउ... ओना कम उम्र स पाउ लगयला पर रिटायरमेंट पर ज्यादा पाइ मिलय छै...
बाजार में रिलायंस...एसबीआई..फिडेलिटी..एचडीएफसी...आईसीआईसीआई...आओर कइटा नीक फंड हाउस छै जे निवेशक के नीक फायदा द रहल छै...जखन कोनो नवका फंड आबय छै त ओकर विज्ञापन अखबार...टीवी पर सेहो आबय छै...ओकरा बारे में नीक सं जांच-परख कय पाइ लगाउ...शुरू के कनि सावधानी अहां के हमेशा के लेल सुखी रखत...किएक त अहां बाजार में कमाई लेल पाइ लगा रहल छी नहिं कि दांव पर लगा रहल छी...त कनि होशियारी..सावधानी दिखाउ आओर चैन सं रहुं.
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बिहार में रिलायंस
अगर एहिना उद्योगपति सभक दौरा होयत रहल त किछु न किछु निवेशक माहौल बनबे करत...राज्य में पैसा अइबे करत...किएक त बिहार में मजदूर... श्रमशक्ति... युवाशक्ति...के कमी नहिं छै...पत्रकारिता... सिविल सर्विसेज...स्टॉफ सलेक्शन...बैंक पीओ... आईआईटी... मेडिकल... आईआईएम सभ में बिहारक छात्रक धाक चलय छै... भने बाहर बिहार के लोकक के बिहारी कहि मजाक उड़ाबय छै मुदा बिहारी अपन काम काज सं सभठाम छायल छथि...आई काल्हि आईटी क्षेत्र में सेहो अपन जोरदार उपस्थिति दर्ज कएने जा रहल छथि...मुदा बिहारी कहाबय लेल हम खुद जिम्मेदार छी...
आब जखन रिलायंस के मुकेश अंबानी जी के नजर बिहार पर पड़ल अई ते विकास होयबे करत...ई जरूर छै जे अहि मे ओ अपन दीर्घकालीन फायदा...नफा..लाभ देखय छथिन्ह...मुदा एहि सं एहिठामक लोकक के रोजगार मिलत..बेरोजगारी दूर होएत...राज्य सं होय वाला लोकक पलायन कम होयत...गाम घर में विकासक किरण दिखत...किएक त ओ कहबै कएलाह जे हुनकर नजर बिहार में गामक विकास आओर सौर ऊर्जा पर अछि...आओर एहि लेल ओ दीर्घकालीन नीति पर काज करताह...ओ दस साल--पन्द्रह साल के लक्ष्य लक चलताह...
पटना में मुख्यमंत्री के संग भेंट में ओ कहलथिन्ह जे बिहार के लोक बड़ मेहनती छथि आओर एहिठामक युवा बड़ मेघावी छथि...ओ एहिठाम खाद्य प्रसंस्करण... कृषि विकास... ऊर्जा आओर युवा शक्ति में काफी संभावना देखलथिन्ह... हुनकर पाई लगायला सं बिहारक तस्वीर 10-15 साल में किछ आओर रहत...किएक त जहिठाम रिलायंस के निवेश भेल अ ओहि ठामक सूरत बदलि गेल अ...चारु कात सं विकास भेल अ...
पटना में जखन ओ अपन विमान सं पहुंचलाह तं हुनकर जोरदार स्वागत कएल गेल...राज्य केर जानु सभटा बड़का अधिकारी हुनका स्वागत लेल मौजूद छलाह...हुनकर स्वागत सं लक खान पान तक सभ पर बिहारक परम्परा..रीति-रिवाज के विशेष ध्यान रखल गेल छल...खाना में गुजराती सं लक लिट्टी चोखा तक परसल गेल...अंबानीजी सेहो खुश छलाह आओर मुख्यमंत्रीजी सं कहबो कएलथिन्ह जे बिहारक विकासक बिना देशक विकास संभव नहिं अछि आओर जल्दिए बिहार में विकासक बयार चलत..अहि सं एहिठामक लोक के संग संग हुनकर स्टॉक होल्डर से सेहो फायदा होयत...रिलायंस प्रमुख के ईहो कहलाय छलन्हि जे पश्चिम भारत में हुनकर ग्रुप जेहि क्षेत्र में काज क रहल अछि मानु त ओहि सभ में पाई लगायल जाइत...चलु नवरात्र में हुनकर अनाय बिहार के लेल शुभ होय...
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पार्टिसिपेटरी नोट- पीनोट
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शेयर बाजार के 1744 अंक गिरनाय आओर वित्तमंत्री के बयान के बाद एकर संभलनाय..बाजार संभलो करल त एक दु अंक नहिं 1400 अंक...सेंसेक्स 1744 अंक गिरला के बाद 336 अंक के गिरावट के साथ बंद भेल...बाजार में अफरातफरी मचि गेल...सभक जुबान पर बाजार के गिरय के चर्चा...सऊ ठाम एहि चर्चा की पी नोट के कारण बाजार गिरला सं कइटा निवेशक कंगाल भ गेल...आखिर ई पी नोट की छै...ई पीनोट के चक्कर दिन भरि लोक के चक्करलै रहल...
पी नोट...पुरा नाम भेल पार्टिसिपेटरी नोट...असल में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) आओर ओकर विदेशी ग्राहक के बीच होय वाला समझौता के पार्टिसिपेटरी नोट कहल जाइ छै...एकरा अहां अक तरहक बांड सेहो कहि सकय छी... आओर एकरे माध्यम सं विदेशी ग्राहक या निवेशक जे कहिऔ...ऊ विदेशी संस्थागत निवेशक के अपना लेल सौदा करल लेल कहैय छथिन्ह...मुदा एकरा में सभसं बड़का पैंच ई छै जे कि अगर कोनो सौदा होइ छै तं ओहि में ऊ विदेशी ग्राहक के नाम नहिं आबय छै..ई सौदा..खरीद बिक्री..विदेशी संस्थागत निवेशक के नाम पर होइछ...ई सौदा होइछ पार्टिसिपेटरी नोट के माध्यम सं..आओर एहि माध्यम सं खरीद-बिक्री करय वाला के पुरा पता...या जानकारी सेबी के नहिं मिल पाबैय छै...सेबी शेयर बाजार पर नजर रखय वाला नियामक छै...
त होइछ ई कि पार्टिसिपेटरी नोट के माध्यम सं खरीद बिक्री...सौदा होय पर ककरो ई पता नहिं चलि पाबैय छै कि ई सौदा के करि रहय अ...दोसर शब्द में ई कहि सकय छी जे ई एक तरहक बेनामी सौदा छै..एहि में असल निवेशक के छै ई पता नहिं लगय छै...ई विदेशी निवेशक के लेल बाजार में घुसय के चोर रस्ता छै...ई चोर रास्ता सं ओ बाजार में घुसि पैसा लगाबय छथि आओर फायदा उठा निकलि जाइत छथि...ज्यादातर ई रास्ता ओ विदेशी निवेशक चुनय छथिन्ह जे ई नहिं चाहय छथिन्ह जे हुनका बारे में कोई जानय...एकरा जरिए ऊ लोक सेहो पाई लगाबैत छथि जिनका पर सेबी खरीद बिक्री करय लेल रोक लगा देने छै...एक अनुमान के मुताबिक शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेश जतेक पैसा लागल छै ओहि मे आधा पार्टिसिपेटरी नोट के माध्यम सं छै...
आब हंगामा ई बात पर छै कि सेबी ई जानय चाहय छै जे विदेश पाई शेयर बाजार में आबि रहल छै ओ कहां सं आबि रहल छै...आओर बाजार में जे तेजी छै ओकर पीछा ककर हाथ छै....सेबी चाहय छै कि एकर जांच होय...असल में जानकार लोक के माननाय छै जे बाजार में हाल में जे तेजी आयल अ ओकर पाछा ओ विदेशी धन अई जे पार्टिसिपेटरी नोट के माध्यम सं बाजार में आयल अ...अहां कहबैय जे ठीक त छै बाजार में पाई आबि रहल छै..मुदा सोचिऔ अगर ओ विदेशी निवेशक मुनाफा कमाय के चक्कर में शेयर बेचय लागल त शेयर बाजार में भगदड़ मचि सकय अ...
एहि लेल सेबी से सख्ती जरूरी छै....देश के...सेबी के...सरकार के ई जानय के अधिकार छै जे बाजार में केहन पाई लागल अई...कहि ई कालाधन...आतंकवादी गतिविधि या दोसर गतिविधि के पाई त नहिं छै...एहि लेल सरकार के तरफ सं ई कड़ाई जरूरी छै...सरकार ई चाहय छै जे कालाधन पर रोक लगै..वित्त मंत्री ई कहबो कयलथिन्ह अ जे पार्टिसिपेटरी नोट लागू करय के मतलब विदेशी धन पर रोक लगाबय के नहिं छैन...केवल ई पक्का करय के छै जे बाजार में सही पाई आहि रहल छै कि नहिं...
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आर्ट ऑफ लिविंग

आर्ट ऑफ लिविंग में जे सभस नीक बात छै ऊ छै सांस पर नियंत्रण...ओना हर चीज में नियंत्रण होबाक चाहि...बिना नियंत्रण...बैलेंश के कोनो चीज...कोनो काज ठीक सं नहिं भ सकैत अछि...त आब बात कएल जाय एकर बेसिक कोर्स पर...एहि में कहल गेल छै जे मनुष्य के अस्तित्व के लेल सात स्तर अछि..ओहि में शरीर(BODY), सांस(BREATH), मन(MIND), बुद्धि(INTELLECTUAL), चित्त(MEMORY), अहंकार(EGO) आओर आत्म(SELF)...एकर संगहि जीवन जीवय के लेल जे ऊर्जा चाहि ओकर चारि टा स्रोत छै...भोजन (FOOD), सांस (BREATH), नींद(SLEEP) आओर ज्ञान(INFORMATION)...
बेसिक कोर्स में सभस नीक बात छै अहि में शामिल सुदर्शन क्रिया...ई क्रिया दुनिया के श्री श्री रविशंकर जी के देन अछि...एहि क्रिया स शरीर के भीतर के गंदगी..नकारात्मक शक्ति..तनाव बाहर निकलय छै आओर शरीर ,मन के प्रकृति के बीच तालमेल बिठाबय में मदद करय छै..दुनिया के लेल ई गुरुजी के अमूल्य भेंट छै..सांस जे छै ओ मन आओर भावना के बीच संबंध स्थापित करय छै...किएक त अहां देखबय जे जखन कोनो व्यक्ति तनाव में..दबाव में होय छथिन्ह त हुनकर सांस के स्वाभाविक लय बिगड़ि जाइत छैन...सुदर्शन क्रिया में जे ऊर्जा छै ओ आश्चर्यजनक छै..शुरू में त अहां के किछु परेशानी होयत मुदा एक दु बेर करला के बाद एकर फायदा अहां के महसूस होयत..
कोर्स के दौरान जीने की कला जे बतायल जाइत अछि ओहि में व्यक्ति विकास पर सेहो ध्यान देल जाइत अछि..किछु सरल नियन पर सेहो चर्चा होइत अछि... जाहि में पहिल अई कि वर्तमान क्षण अटल है...अहां नहिं त पहिने जे भेल छै तकरा बदलि सकय छी न जे होय वाला छै ओकरा लेल किछु कहि सकय छी...अहां के पास सिर्फ अई तं वर्तमान क्षण...वर्तमान क्षण के पुरा आनंद लिय...पुरा मजा लिय..जे होबाक छै से होबय करतहिं..चिंता करय के जरूरत नहिं छै...कि अहां ओकरा बदलि सकय छी..नहिं त जे भ रहल छै ओकर आनंद लिय...अहां एक क्षण आंखि बंद कए क देखिऔ अहांक मन कतय भागय अ...ओकरा वर्तमान में लाबय के कोशिश करिऔ..कहय में आसान छै मुदा छै बड़ कठिन... अहि लेल सभ किछु भुलि वर्तमान क्षण के मस्ती नहिं गवांउ..जे जेना छै ओकरा ओहिना स्वीकार करिऔ...दोसर के विचार के शिकार नहिं बनुं...हर चीज में दोष छै ओकरा में किछु गुण सेहो छै ओकर गुण के खोजय के कोशिश करिऔ...
बेसिक कोर्स जखन शुरू करब तखन लागत जे हम एकसरे छी मुदा जखन 6 दिनक कोर्स पुरा होयत त लागत पुरा दुनिया अहिं के अछि...सभं लोक अपन लागत...एकरा बाद एकटा समुदाय टाइप के बनि जाइत अछि...जीवन में एकटा नव आनन्द मिल जाइत अछि...एकटा नव रास्ता मिल जाइत अछि..सभ गोटे अहांके अपन लागत.
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जय गुरुदेव

दफ्तर सं घर लेल निकलहिं वाला छलहुं कि याशीजी के फोन आयल गुरूजी अखन राति में नोएडा आ रहल छथिन्ह...हमहुं हुनका सं मिलय लेल विदा भ गेलंहु...ओहिठाम पहिने सं कइटा जान पहचान वाला लोक मौजूद छलाह...गुरुजी श्री श्री रविशंकर में गजब के आकर्षण छैन...हुनकर चेहरा पर सदिखन मुस्कान बनल रहैत छैन...हुनका सं मिलतहिं...हनका सम्पर्क में अबतहिं लोक मुस्कनाय सीख जाइत अछि...हुनकर मुस्कुराहट लोक के अपना तरफ आकर्षिक तरय छै...आओर एक बेर जे हुनका सम्पर्क में आयल सदा के लेल हुनकर भ जाइत अछि...
गुरुजी संयुक्त राष्ट्र, विश्व आर्थिक मंच सं लक सैकड़ों देशक संसद के संबोधित क चुकल छथिन्ह ...आतंक सं डरल दुनिया के प्रेम भाईचारा के संदेश द रहल छथिन्ह...आई काल्हि जे लोक में काम काज, पैसा, प्रमोशन, प्यार के लक तनाव बढ़ि रहल छै...हिनकर आर्ट ऑफ लिविंग में अयला के बाद हुनका ओहि सं छुटकारा मिलल अछि...ऑर्ट ऑफ लिविंग के तरफ सं कई तरहक कोर्स सेहो चलैत छै...युथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम, बेसिक कोर्स, एडवांस कोर्स, दिव्य समाज का निर्माण (डीएसएन), आर्ट ऑफ एक्सेल वर्कशॉप, यस कोर्स. एकर साथ गौशाला, ऑर्गेनिक फार्मिंग सेहो होइत अछि.. दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में गौशाला बनल छै.
एक साल पहिने हमरो हिनकर बेसिक कोर्स करय के मौका मिलल...एहि कोर्स के एतेक बढ़िया सं तैयार कएल गेल छै से कि कहल जाउ...दोसरा के ई अनुभव कोर्स कएला के बादे भ सकैत अछि...एहि में आधुनिक आओर पुरातन आध्यात्मिक धरोहर के सम्मिश्रण अई...ऑर्ट ऑफ लिविंग ..जीने की कला...के मूल में छै..सांस लेबय के तरीका...अहां कहबय की सांसों लेबय के कोनो तरीका होइछ...अगर हमरा सांस लेबय नहिं आबय अ त जिंदा केना छी...ओना सांस लेनाय आओर तरीका सं सांस लेनाय दुनु में बड़ फर्क अछि...जेना जेना हमर उम्र बढ़य अ हम सांस लेबय के जे तरीका छै ओकरा स दूर भेल जाइत छी...अगर विश्वास नहिं होय अ त क क देख सकय छी...अहां पालथी मारि के बैठ जाउ...सीधा भ एकटा हाथ पेट पर आ दोसर ठेहुंन पर राखि लिय..जोर सं सांस लिय आओर छोडुं...अहां देखबय जे सांस लेला पर सीना फुलय छै आओर छोड़ला पर सुटकय छै...मुदा होबय ई चाहि जे सांस लेला पर पेट फुलबाक चाहि आओर छोड़ला पर सुटकबाक...अहां कोनो सुतल बच्चा के देखिओ...ओ जखन सांस लेत त पेट फुलैत अछि आओक छोड़ला पर सुटकैत अछि...अहां ओहिना बैठि कय आंखि बंद क अपन पुरा ध्यान सांस पर दिऔ...अहां देखबै जे सांस गला तक जाक बाहर निकलि जाइत अछि...हम सांस के पूरा उपयोग नहिं कए पाबैत छी..जखन कि आदमी जब जन्म लै अ त पहिल काम सांस लेनाय होइत अछि आओर जखन एहि दुनिया के छोड़ैत आ त आखिरी काम सांस छोड़नाय...जखन तक सांस चलय अ तखन त जिनगी चलय अ..सांस बंद जीवन बंद.
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फातमी पर हत्या के सुपारी देबय के आरोप

दरभंगा के सांसद आओर केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री मो अली अशरफ फातमी पर हत्या के लेल सुपारी देबs के आरोप लागय अ...हुनका पर ई आरोप दरभंगा के डिप्टी मेयर बॉबी खान के हत्या के साजिश रचय लेल लागल अ.. हुनका खिलाफ मामला दर्ज भ गेल अ...मुदा मंत्रीजी के कहनाय छैन जे हुनका ऊपर लागल आरोप बेबुनियाद अछि आओर ई हुनका खिलाफ साजिश अई...फातमी जी के इहो कहनाय छैन जे गवाह सं बयान टार्चर कए क लेल गेल छै...हत्या के साजिश रचय के आरोप में 6 लोक के गिरफ्तार कएल गेल अ...किछु हथियार सेहो बरामद भेल...बतायल जा रहल अछि जे गिरफ्तार आरोपी अलन खान अपन बयान में ई स्वीकार कयलक अछि जे हत्या के साजिश ईद के दिन फातमीजी आओर वार्ड पार्षद रीता सिंह के सामने रचल गेल आ हत्या के लेल 5 लाख रुपया के सुपारी देल गेल...दरभंगा के डिप्टी मेयर बॉबी खान एकरा राजनीतिक रंजिशक नतीजा बताबैत छथिन्ह...हुनकर कहनाय छैन जे मेयर चुनाव के बाद सं कई लोक हुनकर दुश्मन बनि गेल...आओर तखने सं हुनका रास्ता के कांटा समझय लगलाह ...फातमीजी के खिलाफ ई पहिल मामला नहिं अछि ...हुनका खिलाफ कइटा मामला दर्ज अई...करीब दस साल पहिने ओहि समयक एसपी शोभा अहोतकर के साथ सेहो ई विवाद में फंसल छलाह.
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फिल्मी दुनिया के वारिस
संजय लीला भंसाली के नयका फिल्म आबि रहल अछि...सांवरिया... एहि फिल्म में हीरो-हीरोइन छथि ऋषि कपूर के सुपुत्र रणवीर कपूर आओर अनिल कपूरक सुपुत्री सोनम कपूर...एकरे साथ ई चर्चा एक बेर फेर सं जोर पकड़क अछि जे स्टार पुत्र -पुत्री के फिल्मी दुनिया में बड़ आसानी सं मौका मिल जाइत अछि...हुनकर फिल्मक लांच खूब तामझाम सं कएल जाइत अछि...प्रचार पर खूब पैसा बहायल जाइत अछि...मुदा रणवीर आओर सोनम के ई पहिल मामला नहिं अछि...अगर बेटा-बेटीक बात कएल जाय त कपूर खानदान के पूरा बॉलीवुड समझल जा सकैत अछि...पृथ्वी राज कपूर, राज कपूर, शम्मी कपूर...शशि कपूर के बाद ऋषि कपूर आओर रणधीर कपूर सेहो खूब नाम कमयलाह। करीश्मा आओर करीना कपूर सेहो एहि खानदान सं छथि।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सेहो पूरा परिवार फिल्मे लाइन में छैन...पत्नी जया बच्चन, पुत्र अभिषेक बच्चन आओर आब तं ऐश्वर्य रॉय सेहो आबि गेलन्हि अ...शोले में अमिताभ के संगी धर्मेंद्र के सेहो परिवार एहि लाइन में छैन...पत्नी हेमा मालिनी...पुत्री ऐशा देओल...पुत्र सन्नी आओर बॉबी देओल।
ओना फिल्मी दुनिया में छायल रहल अ खान खानदान...खान खानदान मे सलीम-जावेदक जोड़ी में सं सलीम खान के पुत्र सलमान खान...अरबाज खान, सुहैल खान सभ फिल्मी लाइन सं जुड़ल छथि...जावेद अख्तर के पत्नी पुत्र सेहो फिल्म लाइन में छथिन्ह...आमिर खान फिल्मकार ताहिर हुसैन के पुत्र छथि...सैफ अली खान ...सोहा अली खान शर्मिला टैगोर के परिवार सं जुड़ल छथि...फरदीन खान, फिरोज खान के पुत्र छथिन्ह।
खान खानदान सं निकलला पर अगर सुपर हीरो के बात कएल जाय त राकेश रौशन के पुत्र ऋतिक रौशन आई काल्हि बॉलीवुड में छायल छथि...हिनकर परिवार में कएटा लोग एहि पेशा में छथि...सुरेश ओबेराय के नुनु विवेक ओबेराय सेहो नीक कय रहल छथि...जीतेन्द्र के पुत्र तुषार कपूर के अभिनय में सेहो धीरे धीरे सुधार आबि रहल अछि...आ एक्शन गुरू वीरू देवगन के पुत्र अजय देवगन के त बाते की कएल जाय...एक्शन हीरो के रूप में ई फिल्मी दुनिया में एकटा अलग मुकाम बना लेने छथि...हिनका कइटा पुरस्कार सेहो मिलल अछि... हिनकर पत्नी काजोल तनुजा आओर शोमू मुखर्जी के पुत्री छथिन्ह...शाहिद कपूर अपन मकबूल पंकज कपूर के नुनु छथिन्ह।
महेश भट्ट के अपन अलग खेमा छैन...हिनकर भाई सेहो फिल्मकार छथिन्ह...पुत्री पूजा हिरोईन सं आब फिल्मकार भ गेलन्हि...हिनकार भागिन इमरान हाशमी फिल्म में किसिंग ब्वाय के नाम सं मशहूर छथि...महेश भट्ट के पुत्र राहुल सेहो जल्दीए धमाका करय वाला छथि...अपन मुन्नाभाई संजय दत्त सेहो सुनील दत्त आओर नरगिस के सुपुत्र छथिन्ह।
ओना एहि में गलत सेहो किछु नहिं कहल जा सकय अ...चूंकि एहि लाइन में जे छथि हुनकर नुनु बुच्ची शुरूए सं अहि रंग ढंग में रंगल रहय छथिन्ह...ओ देखैत रहय छथिन्ह जे कोन काज केना होइछ...पार्टी...शादी विआह...जन्मदिन...फिल्मी समारोह में आबैत जाइत ओ एक दोसरा के जानैत रहय छथिन्ह...कोनो झिझक नहिं रहय छैन...हुनका पता रहय छैन जे कोन लोक कोन काज जानैत छथिन्ह...कोन समान कतय मिलय छै...कोन कैमरामैन...एडीटर...लाइटमैन...संगीतकार कतय मिलताह...सभक जानकारी हुनका बच्चे सं रहय छैन...ओ ऊ वातावरण में रमल रहय छथि...बॉलीवुड हुनका लेल घर -अंगना भेल। सभक साथ चचा-मामा-अंकलक संबंध रहय छैन...ताहि सं फिल्म मिलय में आसानी होइछ।
जखन कि नवका लोकक लेल सभ किछु नव रहय छैन... हुनका गॉडफादर के जरूरत होइछ...अगर गॉडफादर नहिं मिलल त दिन राति संघर्ष करय पड़ैत अछि...ओहि में फिल्म चलि गेल त ठीक नहिं तं आगां काज मिलनाय मुश्किल...थियेटर सं जुड़ल लोक के सेहो खूब धक्का खाय पड़य छनि...एक स्टूडियो सं दोसर स्टूडियो छानय पड़ैय छै...फिल्मी दुनिया सं बाहर वाला सौ में से दुई चारि टा लोक सफल होइत अछि...मुदा एकर मतलब मन हारि के बैठ जनाय नहिं छै...अगर अहां में ऊ जोश...उत्साह...किछु करि गुजरय के लगन अछि तं रोमगोपाल वर्मा...सुभाष घई...प्रकाश झा...जैसन फिल्मकार के नजर पड़य के देर छै...फेर कहैत रहुं मुम्बई केर किंग कौन ?
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मधेपुरा में रेल कारखाना
रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव मधेपुरा में विद्युत रेल इंजन कारखाना के शिलान्यास कएलाह...रेल कारखाना के आधारशिला समारोह शहर के बीएन मंडल स्टेडियम में भेल...समारोह के लेल कई दिन सं रेलवे के अधिकारी सभ एहिठाम डेरा डालने छलाह...कारखाना तैयार भ गेलाह के बाद एहिठाम हर साल १२० रेल इंजन बनि कए निकलत...एहि अवसर पर लालू यादव राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सहयोग नहिं करय के आरोप लगयलाह...कहलाह कि नीतीश कुमार रेलवे के जमीन देबय में आनाकानी करय छैथ...
मुदा स्थानीय लोकक कहनाय छलन्हि जे लालू यादव रेलवे के पैसा पर पार्टी के चुनावी अभियान चला रहल छथि... वो पटना में होबय वाला रैली के लेल भीड़ जुटावय वास्ते ई सभ कय रहल छथि...बिना जमीन के अधिग्रहण कएने ई सभ भ रहल अछि....चलु जे होय लालू यादव के अयलाह से रेलवे स्टेशन क साफ- सफाई भ गेल...रंगाई पोताई भ गेल... महीनों से जे कुड़ा-कचरा छल ओ हटि गेल...स्टेशन चमकि गेल...ओना कार्यक्रम भेल स्टेडियम में...रेल कारखाना मुरहो गांव में बनय के छै मुदा एहिठामक लोक के कहय के छैन जे कारखाना के लेल खाली जमीन लेल जाउ...गांव घर के जमीन नहिं।
ओना मधेपुरा में रेल कारखाना के साथहिं सोमवार के रेल मंत्री के कुशेश्वरस्थान में दरभंगा-कुशेश्वरस्थान रेल लाईन के शिलान्यास सेहो करबा छलन्हि...मुदा कार्यक्रम स्थगित करय पड़ल...असल में जतय हुनकर हेलीकॉप्टर उतरय के छल ओ नहिं उतरि पायल एहि कारणे शिलान्यास नहिं भ पायल...आब आगां कोनो दिन शिलान्यास कएल जाइत
खबर अई जे लौकहा झंझारपुर रेल लाइन के बड़ी लाइन में बदलय के काज अगिला महीना सं शुरू भ जाइत...बड़ी लाइन बनय के क्रम में पहिने पुल-पुलियां बनावय के काज आओर माइट भरय वाला काज होयत...एकर बाद दोसर चरण में रेलवे पटरी आओर स्टेशनक काज होयत...उम्मीद अई जे एक-डेर साल में काज पूरा भ जायत...
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फिफ्टी-फिफ्टी में फिसड्डी
भारत नागपुर मैच सेहो हारि गेल...फ्यूचर कप पर ऑस्ट्रेलिया केर कब्जा भ गेल...मैच के आखिर में धोनी आओर उथप्पा अपन भरि पूरा कोशिश कयलाह मुदा ऑस्ट्रेलिया के हराबय में कामयाब नहिं भ पयलाह...आखिर ऑस्ट्रेलिया भारतक खिलाड़ी आओर प्रशंसक दुनु के एहि हकीकत से वाकिफ करवा देलक जे वनडे मैच में हुनकर हाथ पकड़नाई में अखन बड़ दिन अछि...ओ भारतक खिलाड़ि के ई बता देलन्हि जे पचास ओवरक मैच में अखनो हुनके तुती बोलैत अछि...
दक्षिण अफ्रीका में खेलल गेल ट्वेंटी-ट्वेंटी में भारत विश्व चैंपियन की बनल लोक सभ हिनका लोकनि स बड़का उम्मीद पालि लेलक... हम सोचय लगलहु जे आब तं ऑस्ट्रेलिया के खैर नहिं...मुदा ऑस्ट्रेलिया अपन खेल में कोनो ढील नहिं देलल आओर भारतीय खिलाड़ी सभक खुमारी उतारि देलक...
जखन भारतीय टीम ट्वेंटी-ट्वेंटी के लेल रवाना भेल छल तं टीम सं कोनो खास उम्मीद नहिं छल...सचिन, सौरव ओर राहुल तीनु सुपर स्टार टीम में नहिं छलाह...सभ नवका खिलाड़ी... कोनो अनुभव नहिं... ओहि पर मैच में ट्वेंटी-ट्वेंटीक रफ्तार...बालिंग आओर फील्डिंग में कमजोर...लेकिन कोनो उम्मीद नहिं रहितो टीम चमत्कार क दिखौलक...जेना १९८३ में भेल छल...जखन कोनो उम्मीद नहिं तखन बड़का कारनामा आओर जखन उम्मीद जखन धम्म सं गिरा देलहुं...
ट्वेंटी-ट्वेंटी के बाद भारत अयला पर ऑस्ट्रेलिया के टीम सीधे प्रैक्टिस के लेल स्टेडियम गेल मुदा बारतीय खिलाड़ी त जीत के खुमारी में रहलाह...वो जीतक जश्न मनावैत रहलाह...हुनका पर धनक बरसात होयत रहल...वो चारब कात सं मिलय वाला इनाम सं भींगैत रहलाह...एम्हर ऑस्ट्रेलियाक खिलाड़ी रणनीति बनाबैत में व्यस्त छल आओर ओ आ साबित कए दिखौलक जे क्रिकेट के असल चैंपियन ऑस्ट्रेलिये अई.
आखिर की भेल जे हम ट्वेंटी -ट्वेंटी में चैंपियन मुदा फिफ्टी फिफ्टी में फिसड्डी बनि गेलहुं...२०-२० में पास आओर ५०-५० में फेल.....ऐना केना भेल....कि धोनी फिफ्टी फिफ्टी के कप्तानी के लेल अखन फिट नहीं छथि...सवाल उठैत अछि कि जे ओ विकेटकीपिंग, बल्लेबाजी आओर कप्तानी केर दबाव एक साथ झेलय लेल तैयार छथि ?
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नवरात्रि
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मैथिलीक पढ़ाई

मैथिलीक अपन गौरवपूर्ण इतिहास आओर समृद्ध साहित्य रहल अछि...अष्टम अनुसूची में एकरा स्थान मिल चुकल अछि। सरस आ मधुर मैथिलीक लेल सैकड़ों साल पहिने विद्यापति कहने छलथिन्ह देसिल बयना सभ जन मिट्ठा...मैथिलीक मिठास, भाषाक लोच अद्भुत अछि...लालू यादव के मुख्यमंत्री बनला के बाद सं मैथिली मातृभाषा के रूप में सिलेबस सं हटा लेल गेल...आब त मैट्रिक या कॉलेज में विद्यार्थी सभ तं मात्र ५०...१०० नंबर लेल एकरा एकटा विषयक रूपे रखि लैत छथि।
ओना अगर कॉलेज, विश्वविद्यालय में पढ़ाई के रूप में देखल जाय त मैथिलीक पढ़ाई सभस पहिने कलकत्ता विश्वविद्यालय में १९१७-१९१८ में शुरू भेल....१९२५-२६ में बनारस में शुरू भेल...पटना विश्वविद्यालय में सेहो १९३७-३८ में मैथिलीक पढ़ाई शुरू कएल गेल... १९७२ में दरभंगा में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बनला के बाद एहिठाम सेहो एकर पढ़ाई शुरू भेल...एखन बिहार झारखंड के सभ विश्वविद्यालय में मैथिलीक पढ़ाई भ रहल अछि...मिथिलाक संगहि मैथिलीक पढ़ाई नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय में होयत अछि.....बांग्लादेश के ढ़ाका विश्वविद्यालय में कवि कोकिल विद्यापति एकटा विषयक रूप में पढायल जाइत अछि...जकरा लेल मैथिली भाषाक ज्ञान जरूरी अछि...इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय में मैथिलीक पढ़ाई शुरू करबाक लेल प्रस्ताव भेजल सेहो गेल अछि।
मुदा मैथिलीक प्रचार प्रसार के लेल मिथिलाक लेल संघर्ष करय वाला लोक सभ के ई बात पर ध्यान देबय पड़त कि मिथिलांचल में दोकानक, ऑफिसक बोर्ड, प्रचारक बैनर होर्डिंग मैथिली में होय एकर कोशिश कएल जाय...एहन कोशिश कएल जाय जे मैथिली भाषा में बेसी सं बेसी किताब सभ मार्केट में आसानी में उपलब्ध भ सकय.गीत-नादक कार्यक्रम बेसी सं बेसी भ सकय त आओर नीक.
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मैथिली कहिआ ?
मैथिलीक विकास के शुरुआती तौर पर प्राकृत आओर अपभ्रंश केर विकास सं जोड़ि क देखल जाय अ...करीब ४-५ करोड़ लोक मैथिली के मातृभाषा के रूप में प्रयोग करय छथिन्ह...मैथिली के अपन समृद्ध इतिहास रहल अ...मैथिली के अपन लिपि अछि मिथिलाक्षर...आओर1965 में साहित्य अकादमी सं मैथिली के साहित्यिक भाषाक दर्जा मिलल। २००३ में एकरा संविधानक अष्टम अनुसूची में शामिल कएल गेल...मिथिलांचल केर बाहर सेहो कयटा विश्वविद्यालय में मैथिलीक पढ़ाई होयत अछि।
मुदा करोड़ों लोकक बजनिहार होयबाक बादो एकर जे विकास होबाक चाहि नहिं भेल...राज्य राजनीति केर कारणे ई उपेक्षा के शिकार बनल रहल...स्कूल कॉलेज में एकर पढ़ाई कम भ गेल...मातृभाषा के रूप में ई पाठ्यक्रम सं हटा देल गेल...
एकरा लेल सिर्फ राजनेते सभ के दोष नहिं देल जा सकय अ...मैथिल लोक खुद कम जिम्मेदार नहिं छथि...ओ अपन नुनु, बुच्ची के मैथिली नहिं पढ़ावय छथिन्ह...मिथिला में दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्णिया, सहरसा कतौ चलि जाउ...अहां के अकटा अक्षर मैथिली में लिखल नहिं मिलत...कोनो बैनर, बोर्ड, होर्डिंग, विज्ञापन, पर्चा मैथिली में देखय के नहिं मिलत । एहि लेल की सरकार के दोष देल जाउ ? सवाल अई आखिर कहिआ तक मैथिली के आ हाल रहत ? एकरा अपन उचित सम्मान कहिआ मिलत?
पढ़बा-लिखवा आओर बजबा में जे मैथिल सभ में उदासीनता आयल अछि ओकरा कि कलह जाय...ऑर्कुट पर तं कएटा मैथिल साफ साफ मना कए देला जे हमरा सं मैथिली में स्क्रैप नहिं करुं।
ओना दिआ लक खोजलो पर शायदे कोनो भाषा मिलय जेहि में मैथिली सन मिठास होय...मैथिली तं प्रेम, प्यार केर भाषा अई...अहि में त हम ककरो सं जोर स बात तक नहिं कए पाबैत छी... गाम घर में कई बेर एहन देखबा के मिलल जे लड़ाई झगड़ा के समय जोर जोर सं बोलबा के क्रम में ओ हिंदी...अंग्रेजी पर चलि आबैत छथिन्ह...मैथिली में तं अहां झगड़ा कए नहिं सकैत छी...
मैथिली के बारे में कइ लोक सं अहो सुनय के मिलल जे ई ब्राह्मण, कायस्थक भाषा अछि...ऐहन नहिं छै मुदा आम लोक ज्यादा सं ज्यादा एकरा प्रयोग में लयताह एकरा लेल जागरुकता लाबय के जरूरत छै...
अलख जगाबय के जरूरत छै...जखन तक लोक में अपन भाषाक लेल प्यार, अनुराग नहिं देखबा में मिलत...एकर विकास संभव नहिं...ओना अष्टम अनुसूची में शामिल भेला के बाद एक बेर फेर सं हालात बदलय केर उम्मीद जागल अछि।हमरो सभके लिखय-पढ़य आ बाजय में बेसी सं बेसी एकर प्रयोग करय .
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जीतिया पावनि
मिथिलांचल में पावनि केर कोनो कमी नहिं अछि...मधुश्रावणी, बरसाइत, सामा चकेवा , चौरचन, कोजगरा, जूड़िशीतल ऐहन कतेक पावनि अई...मुदा गाम घर सं बाहर रहला पर कई बेर पता नहिं चलय छै...एहने में एकटा पावनि जितिया पिछला हफ्ता मिथिलांचल में मनाओल गेल...धार्मिक आस्थाक संगहि संग प्रकृति आओर सामाजिक रूप सं अहि पावनि केर खास महत्व अई...एहि पावनि में माय सभ अपन पुत्र...संतान के दीर्घजीवी होबय के कामना करैय छथिन्ह...एहि पावनि में मरुआ... माछ... साग... मिठाईक खास महत्व अई...नदी, पोखरक कात कथा सुनल जायत अछि...ओना जीतिया पावनि मनाबय के पाछा कथा छई जे एकटा राक्षस एकटा गाम में आतंक मचौने छल जकरा स श्रीकृष्ण जी जीमूत वाहन के रूप में अवतार लय रक्षा कएने छलथिन्ह...एहि पावनि में दिन राति सहय पड़य छै...उपवास करय पड़य छै...कहावत सेहो छै... जे जीतिया पावनि बड़ भारि...धिया पुता के ठोकि सुतलन्हि, अपने खयलन्हि भरि थारि...
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बयान सं बवाल
जी कृष्णैया हत्याकांड में राजनेता सभ के मिलल सजा केर बाद गृहसचिव अफजल अमानुल्लाह के बयान स राज्य में खलबली मचल अछि...कृष्णैया मामला में फैसला आबिते गृह सचिव ई कहि सनसनी फैला देलाह कि सरकार के 21टा बाहुबली पर खास नजर अछि आओर जल्दीए हुनका सभ के ऊपर शिकंजा कसल जायत...आपराधिक पृष्ठभूमि वाला राजनेता आओर बाहुबली जिनका ऊपर शिकंजा कसल छनि हुनकर संख्या ४३ अछि...मुदा 21टा बाहुबली नेता पर खास नजरि अई जे हत्या केर मामला में फंसल छथि.
२१ टा बाहुबली के संकेत देल गेल... खबर अई जे ओहि में प्रभुनाथ सिंह, सूरजभान सिंह, सुनील पांडे, शहाबुद्दीन, पप्पू यादव, राजन तिवारी, अनंत सिंह आओर रामा सिंह के नाम शामिल अई...मुदा गृह सचिव केर बयान के बाद जे बवाल शुरू भेल अछि...ओ शांत होबाक नाम नहिं ल रहल अछि...प्रभुनाथ सिंह त सभस बेस भड़कल छथि...हुनकर कहनाय छैन जे गृहसचिव के ई अधिकार के देलक जे ओ ऐहन बात करैत छथि...सरकार स हुनका हटावय के मांग सेहो शुरू भ गेल...सरकार सेहो परेशान अई...श्री अमानुल्लाह के माननाय छनि जे ई लोक मामला के लटकाबय के हरसंभव कोशिश करताह...कोनो हथकंडा अपना सकय छथि॥
मुदा एहि मामला के राजनीतिक रंग लेनाय कारणे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृहसचिव से बात करय पड़ल...मुदा श्री अमानुल्लाह के साफ कहनाय छैन जे कानून के डंडा देखते लोक सभ हुनका ऊपर आरोप लगा रहल छथि...जे होय गृह सचिव के बयान स राज्य के बाहुबली नेता सभ परेशान छथि...एहि तरहक कोनो शिकंजा कसल जाय अ त राज्य के लोक सभ चैन स सांस ल सकताह...मुदा राजनीतिक गणित ऐहन होयछ जे आगा कि होयत किछु नहिं कहल जा सकय अ...किएक त कएटा नेता के पीछा बड़का वोटबैंक जुड़ल छैन.
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टीवी जर्नलिज्म
ऑर्कुट पर एकटा मित्र के स्क्रेप आयल कि इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता में केना आयल जाय आओर ई की छै एकरा बारे में किछु बताउ...हमरा विचार सं एकरा बारे में ब्लॉग पर बतयनाय बेस नीक होयत... किएक त एहि बारे में आओर लोक के सेहो पता चलि जैतन्हि...आई काल्हि मीडिया में सभस तेजी सं बढ़य वाला किछु अई त ओ अछि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया...टीवी जर्नलिज्म...पहिने त दूरदर्शन आ आकाशवाणीए छल... मुदा आब त ऐहन हाल छे जे चैनलक बाढ़ि आबि गेल ...न्यूज़ चैनल देखल जाय त आजतक, स्टार न्यूज, इंडिया टीवी, एनडीटीवी, आईबीएन ७, जी न्यूज़... आओर सहारा समय टीआरपी में ऊपर रहय वाला चैनल अई...ई त भेल हिन्दी वाला अंग्रेजी में एनडीटीवी २४/७ , सीएनएन आईबीएन, टाइम्स नॉउ, प्रमुख अई...एकरा अलावा सीएनबीसी आवाज, जी बिजनेस, एनडीटीवी प्रॉफिट, मेट्रो नेशन, तेज, सहारा समय एनसीआर, मुंबई, उत्तर प्रदेश/ उत्तराखंड, बिहार/ झारखंड, मध्यप्रदेश/ छत्तीसगढ़, ईटीवी, टोटल टीवी, एस वन, एमएचवन जैसन दर्जनों चैनल अई...आओर जल्दीए बीएजी, त्रिवेणी, आईएनएक्स, सहारा समय के उर्दु, राजस्थान आओर पंजाब चैनल आबय वाला अछि।
जखन एतेक चैनल आबि रहल छै त लोकसभ के सेहो राखि रहल छै...एहि कारणे एहि चैनल सभ में रोजगार के अवसर सेहो ढेर-ढाकि छै...एकरा लेल विज्ञापन आबय के इंतजार करय के सेहो जरूरत नहिं...सीवी...बॉयोडाटा ल क चैनल सभ में कनि दौड़ धूपि करिऔ...सफलता मिलत...इलेक्ट्रानिक मीडिया में ज्यादातर लोक एंकर या रिपोर्टर बनय लेल आबैत छथि... मुदा एकर संख्या सीमित रहय छै... एंकर, रिपोर्टर के अलावा बहुत किछु आओर छै जकरा में हाथ अजमाइल जा सकय छै...आओर ऊ सभ परदा के पीछा होयत अछि...आम लोक के ओकरा बारे में ज्यादा पता नहि होयत छनि...एहि मे प्रोडक्शन असिस्टेंट, असिस्टेंट प्रोड्यूसर, प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर, कैमरामैन...साउंड, विजन, डायरेक्शन, मेकअप सं लSक गेस्ट कॉर्डिनेशन तक के जॉब मिलैत अछि...अहां जेहि में लगाव अछि...काज के लेल अप्लाई क सकय छी...
मुदा एहन नहिं होयत कि कतउ सं अयिलौं आ नौकरी के लेल अप्लाई कय देलौंह...एकरा लेल अहांक के पहिने से जानकारी होबाक चाहि... या त अहां पहिने से पेपर...अखबार में काम कएने होय या ओकरा लेल रिपोर्टिंग कएने होय...तखनो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आबय लेल कोनो मास कम्यूनिकेशन संस्थान सं डिप्लोमा या डिग्री कोर्स क लेल जाय त बेस नीक...कोर्स के लेल नाम लिखयबाक लेल कम स कम बीए होबाक जरूरी छै...आब त कइटा टीवी चैवल वाला सेहो ट्रेनिंग संस्थान खोलि लेलक अ... मीडिया ट्रेनिंग के लेल सभस नीक संस्थान अई भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी)...आओर जामिया ...एकर अलावा सैकड़ों संस्थान डिप्लोमा, डिग्री कोर्स कराबय छै...
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अहां दु भाग में देखि सकय छी...एडिटोरियल आओर टेक्नीकल में...एडिटोरियल में सेहो इनपुट आओर आउटपुट होइत अछि...एहि में अहां रिसर्च, प्रोग्रामिंग के सेहो रखि सकय छी...इनपुट के लोक बाहर सं खबर मंगयबा पर ध्यान दै छथिन्ह...ओ सदिखन रिपोर्टर सभ स सम्पर्क में रहैत छथिन्ह...स्टोरी प्लान करय छथिन्ह...शॉट्य सभक जोगाड़ करय छथिन्ह...आओर आउटपुट वाला फील्ड स आयल न्यूज के प्रसारण लायक बनाबय छथिन्ह... स्टोरी के केहन मोड़ देबय के छई... ओकरा पूरा स्टोरी बनाबय के छई या ग्राफिक्स देबय के छई...सिर्फ खबर पढ़ि क कनि शॉट्स देखयबाक छै या ओकरा विशेष रुप देबय के छै... सभ आउटपुट के तय करय पड़ैछ...स्टोरी के स्क्रिप्ट तैयार भ गेला के बाद ओकरा एडीटिंग के लेल भेजय पड़ैत अछि...वीडियो एडीटर ओकरा शॉट्स...बाइट लगाक इफेक्ट द तैयार करय छथिन्ह...
एकरा बाद पीसीआर(प्रोडक्शन कंट्रोल रुम) में स्टूडियो डायरेक्टर, स्वीचर, साउंड इंजीनियर, टीपी सभ के लोक रहैत छथिन्ह...स्टोरी ...प्रोग्राम में नव जीवन देबय लेल ग्राफिक्स डिजायनर, प्रोग्रामर सभ रहैत छथिन्ह...एकरे साथ एमसीआर...इंजेस्ट डिपार्टमेंट होयत...यानी सिर्फ रिपोर्टर एंकर के जॉब नहिं अहां दोसरो लेल अप्लाई क सकय छी...आ एहि क्षेत्र में अपन पैर जमाबय चाहय छी त कैमरा...डायरेक्शन...एडीटिंग...एनीमेशन...ग्राफिक्स के पढ़ाई के एहि में अपन भाग्य अजमा सकय छी... एहि लेल यदि एंकर...रिपोर्टिंग में नहिं होय त निराश होय के जरूरत नहिं छै...स्क्रिप्ट राइटिंग स लक एडीटिंग...कैमरा तक बहुत किछु छै जाहि लेल अहां पढ़ाई कए सकैय छी...अप्लाई क सकय छी आओर काज क सकय छी.
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मॉडल स्टेशन पूर्णिया
रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव आई पूर्णिया के रेलवे जंक्शन भवनक उद्घाटन कएलाह...स्टेशन पर कइटा सुविधाक उद्घाटन कएल गेल...जंक्शन के पैदल ऊपरि पुलक शिलान्यास... रेलभवन सर्क्युलेटिंग एरिया आओर अनारक्षित रेलवे टिकट प्रणालीक उद्घाटन भेल...एहि मौका पर स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ल ...स्थानीय विधायक, सांसद छेहो छलाह... समारोह के ल क खूब रंगरोगन कएल गेल छल...साफ सफाई पर सेहो ध्यान देल गेल छल...स्टेशन के तं रूपे बदलि गेल देल छल...लगते नहिं छल जे ई पूर्णिया के स्टेशन छै...अपन भाषण में लालू यादव कहलथिन्ह जे ई बात के ध्यान रखल जाइत जे किसान भाई के रेल सं सुविधा मिलय...पूर्णिया आओर धमदाहा के किसान सभ के बाजार मुहैया करावय लेल रेल सुविधा देल जायत...रेल मंत्री ईहो कहलथिन्ह जे आमान परिवर्तनक काज समय पर पूरा कए लेल जायत...लालू यादव रिमोट सं बनमनखी में कम्प्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली शुरू कअलाह।
पूर्णिया के मॉडल स्टेशन बनवा सं इलाका के लोक सभ बड़ खुश छथि.
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प्याजक दाम
प्याजक दाम आसमान छू रहल अछि...एकर बढ़ल दाम सं लोकक आंखि सं एक बेर फेर लोर खसय लागल अई...दिल्ली में त प्याज ३० रुपए किलो तक बिक रहल अछि...महीना दिन पहिने एकर दाम १० सं १५ रुपए किलो छल... दिल्लीए नहिं देशक सभस बड़का प्याजक मंडी नासिक में सेहो प्याज किल्लत भ गेलय अ...पानि सं प्याजक नवका फसल के नुकसान पहुंचल अ आओर पुरनका स्ट़ॉक सेहो खत्म होय वाला छई...ऐहन में जखन तक दोसर ठाम सं नवका स्टॉक नहिं आयत , कमी बनल रहत। ओना एहि स जुड़ल लोक के कहनाय छैन जे एहि बेर प्याज पिछला बेर स ज्यादा उपजल अ...भ सकय अ २०-२५ दिन में कर्नाटक, महाराष्ट्र आओर राजस्थान सं नवका खेप अयला पर दाम में किछु कमी आबय...
मुदा एकर दाम बेर- बेर नहिं बढ़य एकरा लेल सरकार के ठोस आओर दीर्घकालीन नीति बनाबय के जरूरत अई... किएक त २०-२५ दिन बाद जे होय अखन त लोर निकलिए रहल अछि...एकर दाम पर राजनीति सेहो होयत आइल अ...कई बेर त एकरा लक सरकार तक गिर चुकल अई...ओना रमजान आओर पूजा के महीना में लोकक गुस्सा नहिं फूटय एकरा लेल दिल्ली सरकार के त कई ठाम प्याज बेचय लेल स्टोर खोलय पड़ल अ.
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आनंद मोहन के सज़ा

तेरह साल पहिने...४ दिसम्बर १९९४ के बाहुबली विधायक मुन्ना शुक्ला के बड़ भाई छोटन शुक्लाक हत्या क देल गेल छल...एकर अगिला दिन ५ तारीख के मुजफ्फरपुर के खबरा में हत्याक विरोध में हजारों लोक शव लक सड़क पर उतरि गेलाह...हत्या के लक ओहि समयक लालू सरकार के खिलाफ लोक में बड़ गुस्सा छल...सरकार...प्रशासन के खिलाफ नाराबाजी करैत भीड़ आगा बढ़ि रहल छल...कि संयोग देखियौ तखने गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया मुजफ्फरपुर सं मीटिंग कए हाजीपुर दक लौटि रहल छलाह...भीड़क लोक सभ ई कहैत हुनकर गाड़ि पर टूटि पड़क कि छोटन शुक्ला के हत्या प्रशासनक मदद सं भेल अछि...हुनका घेर क हत्या कए देल गेल...१३ साल चलल अदालती लड़ाई के बाद फैसला आइल...सात लोक के दोषी मानल गेल...जहि में भीड़क नेतृत्व करय वाला पूर्व सांसद आनंद मोहन के फांसी के आओर हुनकर पत्नी पूर्व सांसद लवली आनंद के उम्रकैद केर सजा सुनालय गेल...बाहुबली विधायक मुन्ना शुक्ला के उम्रकैद के सजा सुनाइल गेल...फैसला के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कएल जा सकय अ...फांसी के सजा होय के बाद आनंद मोहन के गांव सहरसा के पंचगछिया में गमक माहौल बनि गेल...हुनका घर पर लोकक तांता लगि गेल...आसपास के इलाका में आनंद मोहन के बड़ प्रभाव छैन...हिनकर दादाजी स्वर्गीय रामबहादुर सिंह स्वतंत्रता सेनानी छलाह आओर परिवार के कई लोक आजादी के लड़ाई में भाग लेने छथिन्ह.
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ऑर्कुट-मैं हूं ना

आई काल्हिक भागि-दौड़ केर दुनिया में हम सभ नहिं तं ककरो अपन दिलक बात कहि पावय छी आ नहिं सुनि पावय छी...बस काज...काज आओर काज...एहि में हमर सभक दुनिया सिमटि कय रहि गेल अछि...ऑफिस सं घर आ घर सं ऑफिस...दोसर कोनो काज नहिं...आओर काज स बढय अ टेंशन...ऑफिस में काजक टेंशन...पढ़ाई के टेंशन...तं एक्जामक टेंशन...नौकरीक टेंशन...बॉस स झिक-झिक... गर्लफ्रेंड स अनबन...मनमुटाव...टेंशने...टेंशन... एहि में हम चाहैत छि जे कोई एहन होय जकरा स दिलक बात क सकी...कोय एहन होय जकरा सं अपन दुख दर्द बांटि सकी... जकरा सं दिलक बात करी त ओ मजाक नहिं बनाबय...ऊ भरोसा के लायक होय...अगर कोनो बात बताबि त ओकरा गंभीरता स लय...
एहि सभ के ध्यान में रखि ऑर्कुट पर हम बनौने छी एकटा कम्युनिटी...मैं हूं ना...एहि में हम सभ एक दोसर स अपन दिलक बात करब...सुनब... पूरा धैर्य के साथ...धीरजक साथ...दोसराक परेशानी पर हंसय के बजाय हम ओकरा सुलझाबय के कोशिश करब... हुनकर दपख दर्द के दूर करय के कोशिश करब...जतय गोपनीयता बरतय के जरूरत होयत बरतब... किएक तं आजुक युग में एहन लोक मुश्किल सं मिलैत अई जे दोसर के बात धैर्य स सुनय छथि आओर ओकरा पर हंसि नहिं ओकरा दूर करय के कोशिश करय छथि...आई सभ लोकनि अपन बात कहय त चाहैत छथि मुदा सुनय नहिं चाहैत छथि...कोई अगर सुनाबय चाहैत छथिन्ह त ओकरा अनसुना कए दैत छथिन्ह...
त एहि मै हूं ना में हम सभ ओहन लोकके परेशानी दूर करय के कोशिश करब... अगर अहांके लगय अ कि अहां में एतेय गट अई...एतेक ताकत...ऊर्जा अई...एतेक धैर्य अई त आगा आऊ आओर पूरा गंभीरता स लोकक बात सूनय के कोशिश करू...हुनका ई विश्वास दिलाबिओ जे घबराउ नहिं...हमरा पर भरोसा करु...हमरा सं अपन दिलक बात खुलिकए करु किएक त ...मै हूं ना। कम्यूनिटी के हर सदस्य एक दोसर से कहिऔ मै हूं ना.
http://www.orkut.com/Community.aspx?cmm=36357150
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Labels: दर्द-हमदर्द
मधुश्रावणी
आई प्रेस क्लब स बाहर निकलैत समय पवनजी मिल गेलाह...पुछलएन्हि कि औ बड़ दिन बाद दर्शन देलहुं...त कहलाह गाम गेल छलहुं मधुश्रावनी पर...पानि के कारण बाढ़ि में गामे पर फंसि गेलहुं एहि कारणे आबय में देर भ गेल...मधुश्रावणी के बात आबतहि मन भेल जे एकरा बारे में अहां सभ बात कएल जाय... मधुश्रावणी केर अपन मिथिला में विशेष स्थान अई...ई नवविवाहिता स्त्रीक पावनि अछि...नवकनिया सभ अपन पतिक दीर्घायु लेल ई पावनि करैत छथि...ई पावनि नैहर में मनायल जाइत अछि...मुदा एहि बेर बाढ़ि के कारणे कइटा नवकनिया के सासुरे में पूजा करय पड़लन्हि...
मधुश्रावणीक पूजा विवाहक पहिल सावन केर नागपंचमी के दिन शुरू होयत अछि आओर तेरह दिन तक लगातार पूजा होयत अछि...अहि में तेरहों दिन नव नव कथा सुनायल जायत अछि...कथैथिन कथा कहैत छथिन्ह... एहि में गृहस्थ जीवन में प्रवेशक कहानी- कथा होएत अछि...जेहि में व्यावहारिक पहलू के साथहिं यौन शिक्षा सेहो रहैत अछि...एहि कथाक बड़ महत्व अछि...एकरा एहि तरहे बनाओल गेल अछि कि एकरा पालन कएला सं जीवन सुचारु रूपें चलि सकय...अनुभवक सार रहैत अछि कथा में।
हमरा याद अछि जे गाम पर रहैत छलहुं त भरि मधुश्रावणी गामक छटा किछु अलगे रहैत छल...लाल, पियर, हरिहर साड़ी में जखन नैहर आयल नवविवाहिता सभ फूल लोढ़वाक लेल निकलैत छलन्हि तं ऊ दृश्य दोखवा जोगर होयत छल...नवविवाहिता सभ हाथ में डाला लेने मंदिर जाक पूजा करैत छलन्हि...ओहो एकसरे नहिं टोली बनाकए...हुनका सभक संगे कुमारि सखी सहेली...धिया पुता सभ रहैत छलन्हि...पूरा माहौल रंगीन बनल रहैत छल।
असल में सावन में बरसातक मौसम में सांप ढ़ोरि खूब निकलैत अछि...आओर ओकरा से पति के बचावय लेल...आ दीर्घायू के कामना के लेल विषहरी के पूजा कएल जाइत अछि...मिथिला केर हर पावनि त्यौहार लोक जीवन स जुड़ल अछि आओर ओकरा स जुड़ल अई लोक कथा...एहि लेल तेरहों दिन नव नव कथा सुनाएल जाएत अछि...
By : हितेंद्र कुमार गुप्ता 0 कमेंट | एतय क्लिक कs कमेंट लिखु Links to this post
Labels: पावनि- त्योहार
इंद्र पूजा
उत्तर बिहार या ई कहियौ मिथिलांचल में लगातार कई दिन सं भ रहल बारिश स इंद्र पूजा में ओतेक रमन चमन नहिं रहल...ओना इंद्र पूजा सभ ठाम होबो नई करय अ...दरभंगा, राजनगर आ मधुबनी में ई पूजा खूब धूमधाम सं मनायल जाइत अछि...ई तीनु जगह में मधुबनी में रमन चमन किछु ज्यादा रहय छै...दरभंगा में तS इंद्र भवन में पूजा होइत अछि आओर इंद्र मैदान में मेला लगैत अछि...ओना मेला में आब ओ बात नहिं रहल...राजनगर में लाइब्रेरी बिल्डिंग कैम्पस में होइत अछि...एहि ठाम आब जगह कम पड़ैत अछि...ओना जगहक दिक्कत मधुबनी में सेहो होयत अछि मुदा मेला ठेला में एहि ठाम किछु ज्यादा रौनक रहय छै।
इंद्र पूजा में एहि बेर सेहो खूब धूमधाम स तैयारी कएल गेल...खूब सजावट कएल गेल...झालर बाति...फूल पत्ती लगाएल गेल...इंद्र भगवानक आओर दोसर देवताक बड़ नीक...सुन्दर मूर्ति बनाएल गेल...कइटा पंडाल बनाओल गेल...पंडाल के सजावट त देखते बनय...मधुबनीए केर नहिं बाहर सं सेहो दोकानदार सभ एहिठाम आबि अपन अपन दोकान सजयलाह...मुदा बारिशक कारणे रंग में कनि भंग पड़ि गेल...लोक कमे घर स निकलैत छथि...चारु कात कादो-कादो बनल अछि...पूजा छै त दर्शन करय त जाइए पड़त मुदा बड़ दिक्कत भ रहल छै...बरखा सं दोकानदार सभ सेहो झक मारय पड़ल...ओना पानि कम होला पर मौसम जखन साफ भ जाइत अछि लोकक भीड़ उमड़य लागैत अछि...
मौसम साफ रहला पर लोक सभ भगवान इंद्र के साथ- साथ दोसरो भगवान के देर तक दर्शन करैत छथि... रंग बिरंग के पंडाल सभ के देखय छथि...सजावट देखय छथि...चारि चक्कर लगा दैत छथि... रंगीनी बनय रहल अछि... पानि में त सभ किछु कादो कादो भ जाइत अछि...थियेटर...झूला...आ दोसर प्रोग्राम सभ के आनन्द सेहो मौसम साफ रहलाए पर मिलैत अछि...
By : हितेंद्र कुमार गुप्ता 0 कमेंट | एतय क्लिक कs कमेंट लिखु Links to this post
Labels: पावनि- त्योहार
अहिंसा दिवस
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