मिथिलांचल केर लोक सभ क जेना नियति भ गेल छै परेशानी सँ दुई-चारि होय के...एकटा खत्म होय नई छै कि दोसर शुरू भ जाइत छै...अखन बाढ़ि सँ छुटकारा मिलबो नहिं करल कि एक हफ्ता सँ भ रहल बरखा स हालात आओर बिगड़ि गेल...बारिश अई जे थमई के नाम नहिं ल रहल छै...बारिश के साथे तेज हवा सेहो चलि रहल अछि...एहि स परेशानी आओर बढ़ि गेल...गाछ गिरल...कइटा घर के सेहो नुकसान पहुंचल...बाध-बन के तS बाते छोड़ु सड़क सभ पर ठामे-ठाम ठेहुन भर पानि लागल अछि...कई ठाम त सड़क पर पानि में गाड़ी सभ सेहो फंसल अछि...गाम घर त गाम घर...आहि-काल्हि अहां दरभंगा के टॉवर चौक नहिं जा सकय छी...टॉवरो चौक पर पानि लागल छै...लोक सभ के एक किलोमीटर जाय के लेल तीन-तीन चारि चारि मीटर लंबा रास्ता तय करय पडैत छैन...
बारिश नहिं रुकला स लोक सभ के घर स निकलनाय मुश्किल भ गेल अछि...कई मुहल्ला में त घर स बाहर निकलु नहिं कि ठेहुन भर पानि केर दर्शन भय जाएत...कई ठाम घर में सेहो पानि धुसि गेल छै...दरभंगा सँ लहेरियासराय जाय के क्रम में अहां के कई ठाम मेन रोड पर ठेहुन भर पानि मिल जाएत...बस स्टैंड, बेला...टॉवर चौक सँ लक लक्ष्मीसागर...लहेरियासराय तक पानि भरल छै...स्कूल कॉलेज- दफ्तर सभ सेहो पानि के गिरफ्त में अई...डीएमसीएच सेहो चारु कात स पानि में डुबल अछि...दोसर के त बाते छोडु दरभंगा नगर निगम के दफ्तर में सेहो पानि भरल छै.
पानि सँ लोकक जीवन अस्त व्यस्त भ गेल अछि...निकासी नहिं भेला स स्थिति आओर गंभीर बनल अछि...एहि बीच दरभंगा प्रशासन के तरफ सँ बाढि पीड़ित के ४ लीटर मिट्टी तेल देल जा रहल अई...मुदा जखन धरि एकरा पर लगाम लगाबय लेल ठोस उपाय नहिं कएल जायत एहि तरहक परेशानी होयत रहत...नेपाल सरकार सँ मिलि कय बांध...डैम पर बात करय पडत़..नदि के जोड़य के बात पर सेहो ध्यान देबय के जरूरत छै.
29 Sep, 2007
बारिश सँ बेहाल
रिंकु पर केस
तीन साल के बुच्ची...आओर ओकरा पर मारि-पीट करय के केस...विश्वास नहिं होयअ... हमरो नहिं होयत छल...मुदा कि करबय । अपन मिथिलांचल में रोज किछु नई किछु नव होयत रहैत अछि...दरभंगा के बहादुरपुर में एहिना भेल...एहि ठाम चोरि आ मारि-पीट के आरोप में एकटा तीन साल के बुच्ची के अभियुक्त बनाओल गेल...ओना तीन साल के रिंकु के साथ ओकर सात साल के दोसर बहिन...माई-बाप आओर चाचा के सेहो अभियुक्त बनाओल गेल...बुच्ची पर बगल वाला घर स बर्तन आओर रुपया चुराबय के आरोप छई...
बुच्ची के अभियुक्त बनौला से लोक सभ सन्न छथि... इलाका में जिनका एहि बारे में पता चलय छनि ओ चौंक जाई छथि...हुनका सभ के विश्वास नहिं भ रहल छनि जे ई बुच्ची पर केस भ गेल...सिर्फ लोके सभ नहिं कानून के जानकार लोकनि सेहो हैरान छथि... मुदा पुलिस के कि कहल जाउ हुनकर त दुनिया अलग छैन...पुलिस के त ई हाल जे ओ अपन गलति मानय लेल तैयार नहिं...
दर-दुनिया स अंजान तीन साल के बुच्ची के त ईहो नहिं पता छै जे केस कि होइछ आओर ओकरा घर के बाहर एकाएक एतेक भीड़ किएक लागि गेल छै...पेपर...टीवी के कैमरामैन...पत्रकार सभ ओकर आगा- पीछा कए फोटो लेबय...समाचार बनाबय में लागल छथि...जे होय घर के स लोक त थाना आओर कोर्ट के चक्कर लगा रहल छथि.
सिलीगुड़ी में कर्फ्यू
सिलीगुड़ी में शुक्रवार के भड़कल हिंसा के बाद कर्फ़्यू लगा देल गेल...खबर अछि जे एफ़एम पर प्रसारित टिप्पणी के विरोध करैत लोक सभ जखन हॉस्पिटल रोड स गुजरि रहल छल तखन एकटा मरीज के ल जा रहल एंबुलेंस भीड़क बीच स निकलय के कोशिश करय लागल...जकरा प्रदर्शनकारि सभ नहिं निकलय दैत छलाह...स्थानीय लोक सभ एकर विरोध कयलन्हि त तोड़फोड़ शुरू भ गेल...प्रदर्शनकारी में स किछु लोक हिंसा पर उतारु भ गेलाह आओर कइटा गाड़ी आ दोकान में आगि लगा देलाह..
28 Sep, 2007
मधेशी पर मार
मिथिलांचल केर बहुत बड़का इलाका नेपाल में आबैत अछि...अगर भारत नेपाल दुई देशक बात नहिं कएल जाय त मिथिलांचल चौदद्दी उत्तरी बिहार स लक नेपाल तक फैलल अछि...दुनु देशक लोक मैथिल कहाबय छैथि...आओर एहि कारणे दुनु देशक लोक कखनो एक दोसरा के अलग नहिं मानला...शुरू स एकटा परिवार जका रहैत गेला...मुदा नेपाल में माओवादी के आबिते ई सभ बदैलि गेल... पहिने त भारत नेपाल भेल...आब मधेशी वाला बखेड़ा खाड़ भ गेल छै...नेपाल के अपन नागरिक के ई साबित करय पड़ि रहल छै जे ओ नेपाली छैथि की नहिं...हिनका सभके मधेशी कहि भगाइल जा रहल अछि...जबकि नेपालक अर्थव्यवस्था में सभस बड़का योगदान हिनके सभक अछि...नेपाल में राजशाही खत्म होबय के बाद ई लगैत छल जे माओवादी आब शांति स रहता आओर हिंसा त्याग देताह...मुदा आब ओ मधेशी सभके निशाना बनाबय लगलाह अ...
नवम्बर में ओहि ठाम चुनाव होबय वाला अछि... एहि के लक बिहार सरकार सेहो चिंता में अई... आशंका अछि जे चुनाव के समय माओवादी या नक्सली गतिविधि तेज भ सकैत अछि...एहि लक पटना में बिहार सरकार आओर नेपाल सरकार के आला अफसरक बैठक सेहो भेल अछि...असल में नेपाल आओर बिहार क बीच ७५० किलोमीटर के खुलल सीमा अई...आओर सुरक्षा के हिसाब स ई बहुत महत्व राखय अछि...ओना आब सीमा पर एसएसबी तैनात अछि मुदा एकरा पर्याप्त नहिं मानल जा सकय अ...एहि मे दिक्कत सेहो छै... ज्यादातर परिवार के कोनो नय कोनो रिश्तेदारी एक दोसर के इलाका में छै...किनको मामा त किनको चाचा नेपाल या बिहार में रहय छथिन्ह...हुनका स नाता केना तोड़ल जा सकय छै...एहि कारणे किछु खास समय के छोड़ि ज्यादा कड़ाई नहिं कएल जाइ अछि...दुनु देशक प्रबुद्ध जन के एक साथ आबि एहन रास्ता निकालय पड़ताह जाहि स एक बेर फेर स लोक सभ शांति स साथ साथ रहि सकय.
26 Sep, 2007
लक्ष्मी मित्तल स आगा मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी दुनिया के सभस अमीर भारतीय बनि गेलाह अ...धन दौलत, सम्पति के मामला में ओ इस्पात किंग के नाम स मशहूर लक्ष्मी निवास मित्तल स आगा भ गेलाह अछि...रिलायंस इंडस्ट्रीज के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी के एहि ठाम पहुंचबा में सभस बड़का योगदान शेयर बाजार में आयल भारी तेजी के अछि...बुधवार के सेंसेक्स के १७ हजार के आंकड़ा पार करैत रिलायंस इंडस्ट्रीज, रिलायंस पेट्रोलियम, आईपीसीएल आओऱ रिलायंस इंडस्ट्रीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर के भाव के आधार पर हिनकर सम्पत्ति ५० अरब डॉलर स ऊपर चलि गेल...एकरे साथ ओ एतेक पाई वाला दुनिया के चौथा आदमी भ गेलाह ...हिनका स आगा छैन...अमेरिका के साफ्टवेयर महारथी बिल गेट्स, मैक्सिको के कार्लोस स्लिम हेलू आओर वॉरेन बफेट। मार्च में जखन मशहूर पत्रिका फोर्ब्स में अमीर लोकक सूची जारी भेल छल तखन स्टील किंग श्री मित्तल पांचवां स्थान पर छलाह आओर मुकेश अंबानी चौदहवां स्थान पर ...ओना तहिया स दुनु गोटा के धन दौलत में इजाफा भेल अ मुदा मुकेश अंबानी क सम्पत्ति ज्यादा बढलैन्ह अ...
पचास अरब डॉलर(करीब 2 लाख करोड़ रुपया) से ज्यादा पाई वाला मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप में चारि टा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, रिलायंस पेट्रोलियम, आईपीसीएल आओऱ रिलायंस इंडस्ट्रीज इन्फ्रास्ट्रक्चर अछि... ई चारु कंपनी में स करीब आधा मुकेश के छैन.।शेयर बाजार में आयल तेजी स मुकेशजी के अमीर उद्योगपति के रूप स्थिति आओर मजबूत भेल अ...हिनकर छोट भाई अनिल अंबानी पाईयक मामला में दोसर स्थान पर आबि गेलाह अ...हिनकर बाद डीएलएफ के केपी सिंह छथिन्ह ...अगर खरबपति क बात कएल जाय त अखन देश में तीन टा खरबपति छथिन्ह....मुकेश अंबानी...अनिल अंबानी आओर केपी सिंहजी...भ सकय अ जल्दीए एकटा आओर नाम एहि लिस्ट में जुड़ि जाय...मोबाइल टेलीफोन कंपनी एयरटेल के सुनील मित्तल के पाई सेहो तेजी स बढ़ि रहल छैन...ओ किछुए पाछा छथिन्ह..
देश में खुलल अर्थव्यवस्था...उदारीकरण स बड़ फायदा भेल अ...विदेशक कंपनी सभ जे भारत में कंपनी सभ के विलय करय छलाह आब ओ उलटा भ गेल अछि...भारतीय कंपनी सभ विदेश में कइटा कंपनी के खरीदवा में सफल भेल अछि...एहि मामला मे विडीयोकोन सबस आगा रहल अछि...पिक्चर ट्यूब बनावय वाला कंपनी थॉमसन के खरीद ओ एहि परिपाटी के शुरू कएलाह... एकर बाद त जेना दौड़ शुरू भ गेल...ऑर्सेलर के बात होय या कोनो दोसर के... एहि में किंगफिशर के विजय माल्याजी...टाटा के रतन टाटा आगा चलि रहल छथिन्ह । एहि स दुनिया में भारत के नाम त होयबे करय छै...एहिठामक युवक...लोक सभ के सेहो प्रेरणा मिलैत अछि ...दोसर युवक...उद्योगपति सेहो चाहताह जे हमहुं एहि तरहे आगा बढ़ि...एहि स ज्यादा स ज्यादा लोक के रोजगार सेहो मिलत...लोक के जीवन स्तर ऊपर उठत॥
कलुआही में इतिहास
मधुबनी जिला में कलुआही प्रखंड के मधेपुर गांव में एकटा खेत स दुटा मृदभांड आओर मूर्ति मिलल अ ...एकरा देखय लेल लोकक भीड़ उमड़ि पड़ल... पिछला दस दिन स लोक सभ दूर-दूर स एकरा देखय लेल आबि रहल छथिन्ह। मुदा पुरातत्व विभागक ओर स एहि पर कोनो खास ध्यान नहिं देल गेल अछि।
मधुबनी से हमर मित्र श्री अवनींद्र झा जी क कहनाय छैन जे जखन स कलुआही के मधेपुर गाम में ई मृदभांड आओर मूर्ति मिलल अ तखन स उ खेत एकटा तीर्थस्थल जका बनि गेल अछि...असल में एहि बेर आयल भारी बाढ़ि में खेतक माइट पानि के साथ बहि गेल... माटि के पानि साथ बहला के बाद ई अवशेष ऊपर आबि गेल आ जे कहुं देखाय लागल॥ई काफी समय स माटि के अंदर दहॉबल छल...ओना अखन ई पता नहिं चलल अ जे ई कोन काल के अछि॥लोक सभ एकरा एकटा चमत्कार के रूप में देख रहल छथिन्ह...
ओना मिथिलाक इतिहास काफी समृद्ध रहल अछि...मुदा सही रखरखाव...देखरेख...संरक्षण नहिं भेलाह स पुरातात्विक महत्व वाला बहुत त नष्ट भ गेल आओर कइटा नष्ट होय वाला अछि...कतेक एम्हर ओन्हर भ गेल... जरूरत अछि जे पुरातत्व विभाग एकरा देखि एकरा बारे में पता लगाबय आओर लोक सभ के ई बताबैन्ह जे एकर की महत्व रहल अई ...आ ई कोन काल के अछि.
चौबीस साल बाद...
एकरा स बड़का नशा की होएत...एकरा स बड़का खुशी के पल कोन होएत...एहि स बड़का भीड़ कोन होएत...मुम्बई क छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर जखन भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य पहुंचला त लाखों क्रिकेट प्रेमी फूल-माला, ढोल नगाड़ा के साथ हुनका स्वागत कयलाह। लोक सभक कहनाय छलन्हिजे ऐहन स्वागत आई धरि ककरो भेल होय आ कोन काजक लेल एतेक भीड़ उमड़ल होय से हुनका ध्यान नहिं छैन...
ट्वेंटी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के हराकए बुधवार सुबह जखन टीम इंडिया के खिलाड़ी सभ मुम्बई पहुंचलाह त पूरा मुम्बई जेना हवाई अड्डा पर हुनका स्वागतक लेल उमड़ि गेल होय...एहि अवसर पर बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, मीडिया कर्मी ...क्रिकेट प्रेमी आओर की की कहल जाउ सभ ओहि ठाम मौजूद छलाह... सैकड़ों...हजारों के बात नहिं लाखों प्रशंसक...मुम्बई के समुद्रके पास जेना जनसमुद्र उमड़ि पड़ल होय।हवाई अड्डा पर तिलक लगाकय स्वागत भेला के बाद खिलाड़ी सभ के दो मंजिला बस पर बैसा वानखेडे स्टेडियन ल जायल गेल...हवाई अड्डा स वानखेडे स्टेडियम के दूरी करीब ३० किलोमीटर अछि मुदा एतेक दूरी तय करय में करीब पांच घंटाके समय लागल...लागय छल जेना शहरक सभ रास्ता स्टेडियम तरफ जा रहल छै...मुम्बई के सड़क पर एतेक भीड़ कहियो नहिं उमड़ल...लोकक रेलमपेल...सभ आगा निकल टीम इंडिया के विजेता खिलाड़ी के एक झलक देख लेबय चाहैत छलाह... ढोल नगाड़ा के आवाज पर लोक सभ त नाचिते छलाह... श्रीसंत, युवराज और हरभजन सिंह से हो नाचय लगलाह...लोक सभक खुशी के मारे हाल बेहाल छल...संगहि संग टीम के खिलाड़ी सभ सेहो मस्ती स सराबोर भ गेलाह... बस के खुलल छत पर स हाथ हिलाकय वो अपन प्रशंसक अभिवादन स्वीकार करय छलाह ।
वानखेड़े स्टेडियम में बोर्ड अध्यक्ष शरद पवार एकटा भव्य सम्मान समारोह में टीम के स्वागत कयलाह आओर इनाम देलथिन्ह ... चौबीस साल बाद चौबीस तारीख के खिताब जीतय वाला टीम पर बोर्ड धनक बरसा कय़ देलक...एतेक इनाम देल गेल की सभ खिलाड़ी करोड़पति बनि गेलाह...सबस ज्यादा प्रशंसा मिलल युवराज सिंहके जे ६ गेंद पर ६ छक्का जड़ने छलाह। बोर्ड से त हिनका सभके धन मिलबे कयलन्हि अ...हिनका सभ के अपन राज्य में सेहो खूब इनाम मिलल .
दरभंगा जयनगर बड़ी लाइन
23 Sep, 2007
टीवी, एफएम पर मैथिली
एहि बेर दरभंगा राजनगर यात्रा में सबसे सुखद बात ई रहल जे नेपाल के सीमावर्ती इलाका में छ टा (६) एफएम चैनल सुनय लेल मिलय...ओहो मैथिली में...एतेक खुशी भेल जे कहि नहिं सकय छी...रेडियो जानकी...जनकपुर एफएम...रेडियो जनकपुर...मिथिला एफएम...एफएम टुडे...जलेश्वर एफएम लोकक बीच धमाल मचौने अछि... जनकपुर, जलेश्वर स एकर प्रसारण होयत अछि...दरभंगा स जयनगर...सीतामढ़ी, बैरगनिया...वीरगंज...एम्हर सहरसा निर्मली तक सभतर हर दलान ...दोकान...घर में एफएम रेडियो के क्रेज छा गेल अछि...गीत संगीत... नाटिका... चर्चा... फोन ईन कार्यक्रम स लSक विज्ञापन तक सभ किछु मैथिली में... हम त दु तीन दिन तक खुशी स बौराइल रहलहुं... दिन- राति बस एफ एम सुनैत छलहुं... एम्हर अपना इलाका में एफएम रेडियो के बिक्री सेहो बड़ बढ़ि गेल अछि...सय...डेढ़ सय वाला रेडियो खुब बिक रहल अछि...एकरा प्रचार में एफएम वाला मोबाइल फोन सेहो सहयोग द रहल अछि...
गीत-नाद त रमनगर रहबे करय अछि ...बीच बीच मे चुटकि.... चुटकुला सब लोक के गुदगुदयने रहैत अछि ... अपन मिथिलाक जे गप्पक रंग छै... एक बेर फेर ऊपर भेल अछि... मैथिली के तरफ लोकक रुझान बढ़स अछि... लोकके रोजगार के मौका सेहो मिलय लागल अई...लेकिन सभस बड़का दुखक बात ई एई जे एहि में एकोटा मैथिली एफएम स्टेशन बिहारक...मिथिला में नई अछि...सभक प्रसारण नेपाल के जनकपुर या जलेश्वर स भ रहल अछि... मिथिलांचल के राजधानी होय के बात दरभंगा करय अ मुदा एफएम के मामला में ओ नेपाल स पिछड़ि गेल... एहि के लेल हम मैथिल सेहो कम जिम्मेवार नहिं छी...हम सभ मैथिली में बातो टा करैत शरमाइत छी...ऑर्कुटे पर अपन इलाका के कइटा लोकके मैथिली में स्क्रैप करय के कोशिश कएलहुं...मुदा ओ सभ मैथिली मे करय स मना कए देलाह...नेपालक लोक स सीख लए हमरा सभके सेहो आगा बढ़य पड़त मिथिलांचल के दरभंगा...मधुबनी स सेहो शुरू करय के सोचय पड़त...दरभंगा रेडियो स्टेशन स सांझ में मैथिली पर कार्यक्रम त आवय अ ओ मुदा एफएम चैनल के तुलना में नीरस रहय अ...ओहि में काफी सुधारक जरूरत छै...
ओना टीवी पर मैथिली कार्यक्रम के बात होय त एकर श्रेय सहारा समय बिहार-झारखंड चैनल के मिलत...सहारा समय बिहार झारखंड चैनल के प्रमुख छथिन्ह श्री संजय मिश्रजी हुनकर अथक प्रयास स सहारा समय चैनल पर आधा घंटा के कार्यक्रम समय मिथिलांचल के नाम से शुरू भेल अछि...संजयजी खुद मिथिलांचल स छथिन्ह एहि लेल हुनकर मार्गदर्शन में ई कार्यक्रम बढ़िया भ रहल अछि...एहि प्रोग्राम के एंकर छैथि श्री अजय झा ...अजयजी खुद शुरू स अंत तक लालग रहय छैथि...दरभंगा...मधुबनी,झंझारपुर, सहरसा, पूर्णिया, सीतामढ़ी और समस्तीपुर के रिपोर्टर स बात क स्टोरी तय करैत छैथि...रवि के मिथिलांचल में लोक सभ के ई कार्यक्रम के इंतजार रहैत छैन...मैथिल लोकक बीत ई काफी लोकप्रिय भ गेल अछि... दरभंगा...मधुबनी यात्रा के दौरान हमरा ई कार्यक्रम के बारे में लोक सभ स बात भेल...लोक सभ चाहैत छथिन्ह जे मैथिली मे एहि तरहक आओर कार्यक्रम बनय के जरूरत छै..
एम्हर एकटा आओर बात भेल अछि... नेपाल वन टीवी चैनल पर सेहो मैथिली में प्रसारण शुरू भेल अ...ई सांढ में भारतक समय अनुसार पौने आठ बजय आओर नेपालक समय मुताबिक आठ बजे स शुऱू होयत अछि...मैथिली में समाचार के साथ रोज चर्चा के कार्यक्रम प्रसारित होयत अछि... एहि में प्रतिदिन कोनो खास मुद्दा पर चर्चा कएल जाइत अछि जाहि में दर्शक के सेहो फोन पर सवाल पूछवाक आ अपन राय देबाक मौका मिलैत अछि...फोन इन चर्चा कार्यक्रम के बीच में मैथिलीत गीत नादसेहो देखबाक लेल निलय अई... आई स पहिने जे मैथिली गाना सिर्फ सुनय छलहुं आब देखबाक लेल सेहो मिलय अ...एहि के गेल आंखो देखी के संपादक नलिनी सिंह जी धन्यवादक पात्र छथिन्ह...नेपाल वन चैनल हुनके छैन आओर एहिकाजक लेल हुनका जतेक धन्यवाद देल जाय वो कम होयत...
22 Sep, 2007
मिथिलाक पान
मिथिलाक पहचान पान माछ मखान में से हम मखान के बारे में अहांके बता चुकल छी...आई हम बात करब पान के बारे में...मिथिलांचल में पानक विशेष महत्व देल गेल अछि...मिथिलांचल में पानक शौकीन लोक अहांके सभ ठाम मिल जाइत... कोनो एहन गाम नहिं मिलत जहां पानक दुकान नहिं होय...कोनो चौक चौराहा पर चलि जाउ सब ठाम पानक दुकान मिली जाइत...ओना बहुत लोक अपना घर में सेहो पान रखय छैथि...जखन मन भेल दुटा पान लगैलौंह और गाल मे खिल्ली दबा चलि देलौंह...कोनो काज प्रयोजन होय...पूजा पाठ होय...आ फिर कोनो मेहमानक...पाहुनक स्वागत होय... बिना पानक काज नहिं होयत...भोज भात के बाद त पान के लूटि मचि जाइत अछि....हमरा दिअ त हमरा दिअ....पानक हरिहर हरिहर पात लिय...चूना कत्था लगाउ...ओकरा उपर कतरल सुपारी डाली खिल्ली बना मुंह में दबा दिअउ... ओना गाम घर में बेसि लोक जर्दा...पत्ती संग पान काई छथि...शहर में रहय वाला सब त मीठा पत्ता खाई छैथि...पहिने हीरा मोती मीठा पान नामी छल आब त ढेर सारा ब्रांड आबि गेल अछि...
मिथिला में पानक शौकीन लोग के त ई कहना छैन जे पान माछ आ मखान स्वर्ग टा में नहिं मिलैत अछि...अहि लेल जखन धरि पृथ्वी पर छी ई तीनोक आनंद लिअ...
पान के ओना संस्कृत में ताम्बूल कहल जाइत अछि....पानक प्रयोग हिन्दू संस्कारस जुड़ल अछि... वेद में सेहो एकर जिक्र आएल अछि । पानक खेती के अधिक नमी आ कम धूप के जरूरत होयत अछि एकरा खास तरह स बनाउल गेल भीट में उगायल जाइत अछि...पान कई तरह होइत अछि... पुरनका पत्ता॥मीठा यह वर्गीकरण पत्तों की संरचना तथा रासायनिक गुणों के आधार पर किया गया है। रासायनिक गुणों में वाष्पशील तेल का मुख्य योगदान रहता है। पान में वाष्पशील तेलों के अतिरिक्त पत्ता...मगही...ओना फिल्म आओर मशहबर त बनारस वाला पान अछि...पान। में अमीनो एसीड...कार्बोहाइड्रेट आओर विटामिन सेहो होयत अछि....गाम घर में त पान से कई तरहक बिमारी के सेहो इलाज कइल जाइत अछि...इलाज त छोड़ु एकरा खयला के बाद ठोर पर जे लालि आबैत अछि ओकरा की कहल जाय... चेहरा के सुन्दरता में चारि चांद लगा दैत अछि।
ऑर्कुट पर प्रेस क्लब

एकटा नया सर्वे आयल अछि... सर्वे के कहवाक छै जे भारत में इंटरनेटक इस्तेमाल करय वाला करीब आधा लोगसोशल नेटवर्किंग में अपन समय बिताबय छथिन्ह... एहि मामला में ऑर्कुट नम्बर १ पर अछि... एकर बाद डेटिंगआओर वैवाहिक साइट सभ के नंबर अछि...आई काल्हि ऑर्कुट पर नेटवर्किंग के जोर पकड़ल अछि... मेट्रो सS लक छोट छोट शहर...गांव घर तक ऑर्कुट अपन पक़ड बनौले जा रहल अछि...कोनो साइबर कैफे में चलिजाउ...आधा स ज्यादा लोग ऑर्कुटियाब में लगल मिल जाइत....ओना एकर फायदा सेहो बड़ छै...दोस्त सभ खूबबनय छै...अहांक संगी सभ जे बिछुड़ गेल छथि...बहुत दिन स भेट घांटि नहिं बेल छै...ऑर्कुट के माध्यम ससम्पर्क में बनल रहि सकय छी...मुदा ऑर्कुट पर चिरकुटौय सेहो कम नहिं भ रहय अछि...हाल फिलहाल में कईटाएहन कांड भ गेल अ जहि स एकरा ऊपर सवाल सेहो उठय लागल अई...ई क्राइम... सेक्स...देह व्यापार के सहायकसेहो बनल जा रहल अछि...
एहि पर लोग सभ अपन अपन कम्युनिटी सेहो बनौले छथि...अपन विचारधारा...धर्म...जात... रोजगार...कामकाजस जुड़ल कम्युनिटी बनल अछि...ई लोक सभ के एकटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध करबावय छै...
ऑर्कुट स हमहुं जुड़ल छी आओर मिथिलाक कम्युनिटी स सेहो जुड़ल छी...दुटा कम्युनिटी हमहु बनौले छी...एकटाअछि "मिथिलांचल प्रेस क्लब"...दोसर अछि "मैं हूं ना"...
असल में मिथिलांचल स सैकड़ों मिल दूर आबि हम सभ अपन अपन काम काज में लागल छी...एहि के कतेकहमर पत्रकार भाई लोकनि सेहो छैथि...सूचनाक आदान प्रदान जे हमर सभक शौक छल आब ओ पेशा बनि गेलअछि... आओर खबरक आपाधापी के बीच हम अपन लोक...गाम घर के नहिं भूलि....अपन पुरनका याद के जीवितराखि एकरा लेल मिथिलांचल प्रेस क्लब एकटा माध्यम बनि सकय अछि...अहां दुनिया के कोनो कोना में होय ईमंच के मार्फत आपस में मिल जुल सकय छी...अपन विचार रखि सकय छी...मीडिया के अंदर के खबर एक दोसरस शेयर क सकैत छी...मिथिलांचल विकासक बात के साथ साथ अपन लोक सभ के ईहो बता सकय छियए जेकोन जगह नौकरी के लेल लोक के जरूरत छै...ई मंच के माध्यम स हम पत्रकारिता स रूचि रखय वाला लोक सजुड़ि त सकय छी साथे...जे एहि क्षेत्र में आगा बढ़य चाहैत छैथि हुनका मार्गदर्शन सेहो क सकैत छी...त आउ एहिमंच पर अहांक स्वागत अछि...
मिथिलांचल प्रेस क्लब
http://www.orkut.com/Community.aspx?cmm=३६३१४९६९
21 Sep, 2007
राजनगर राज कैम्पस-२
राजनगर राज परिसर स्थापत्य कला....शिल्पकला...चित्रकला के साथ साथ संस्कृति सभ्यता के जीबैत मिसाल अछि...राजमहल आओर एहिठाम बनल मंदिर कला प्रेमी के लेल कोनो दस्तावेज स कम नहिं अछि...एहिठामक लोकक कहनाई के मुताबिक महाराज के तंत्र मंत्र स विशेष लगाव छलन्हि...एहि कारणे वो परिसर में ग्यारह टा मंदिर बनवयलाह...आ एकरा में तंत्र मंत्र केसाथ अध्यात्म आओर वैदिक कला के संगम देखल जा सकय अ... लोक सबसे ईहो कहबा छैन जे एकरा बनवाबय लेल महाराज फ्रांस स ऑर्किटेक्ट मंगवौने छलाह... परिसर में चारू कात मंदिर बनल अछि...मुदा हुनकर तंत्र मंत्र स आस्थाक कारणे एकर मुंह दक्षिण तरह अई...संगमरमर वाला मंदिर के छोड़ि आओर सभ मंदिरक स्थिति खराब अछि...
सरकार अगर चाहैत त एकरा पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित कए सकैत छल...मुदा सरकार उदासीन रवैया अपनैने अछि... अखनो राजनगर आ आस पास के गांव में आबय वाला लोक सभ राज में घुमय लेल जरूर आबैत छैथि...छठ आओर एक जनवरी नववर्ष के त एतय भारी मेला लगि जाइत अछि...लोक सभ एतय पिकनिक मनावय छैथि...मिथिलांचल में अगर दू चारि टा घुमय वाला जगह अछि त ओहि में राजनगर के स्थान दरभंगाके बाद तय अछि...
महाराय के एहिठाम स जयबाक बाद ई खंडहर में त बदलैते गेल...परिसर सुनसान सेहो रहय लागल छल...लोक सभ एहि ठाम निर्माण करय सेहो लगलाह...कतेक चीज सेहो गायब भ गेल...मुदा आब त एहि ठाम एसएसबी के डेरा बनला स रमन-चमन बनल रहय छै...पर लोकक विश्वास एखन धरि एसएसबी पर जमल नहिं अछि...
खैर लोक सभ चाहैत छथिन्ह जे एकरा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करय के प्रयास कएल जाय...जाहि से ज्यादा स ज्यादा लोक मिथिलाक गौरवशाली....भव्य इतिहास के जानि सकताह...
राजनगर राज कैम्पस-1
पिछला लेख में दरभंगा से राजनगर यात्राके बारे में अहां स बात भेल...आब बात करई छी राजनगर के बारे में...
राजनगर के राजपरिसर के दरभंगा महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह के छोट भाई महाराज रामेश्वर सिंह करवैनेछलखिन्ह... मिथिलाक कला और संस्कृति में माछ के साथ हाथी के बड़ महत्व अछि...राज परिसर में जहां तहांअहां माछक निशान देख सकैय छी...एकरा शुभ मानल जाइत अछि... कोनो काम स पहिने माछक दर्शन शुभ होयअछि...आओर हाथी के राजसी शान के पहचान मानल गेल अछि.... एहि कारणे राज कैम्पस में हाथी महल ...ईमहल के दरवाजा पर दू टा हाथीके विशाल प्रतिमा बनल अछि...बच्चा में जखन हम सभ एतय जाइत छलहुं तएकरा हाथी वाला महल कहिक पुकारय छलहुं...
मधुबनी स करीब १५ किलोमीटर दूर राज परिसरक महल के महाराज रामेश्वर सिंह अपने लेल बनौने छलाह... मुदा महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह के मृत्युक पश्चात दरभंगा चलि गेलाह...हुनका दरभंगा गेलाह के बाद एकर उचितदेखरेख नहिं भेल...आ धीरे धीरे ई खंडहर में बदलैत गेल...एकर भव्यता के चर्चा दूर दूर तक होएत छल... एकरभव्यता...वैभव के बारे जतेक कहल जाय कम होयत... महल, मंदिरक दीवार पर कएल गेल नक्काश... कलाकारी...कलाकृति अद्भुत अछि...दीवार पर अहांके मिथिला पेंटिंग के अनुपम झलक मिलत...पत्थर...दीवार परशिल्पकला देखि अहां दंग रहि जायब...परिसर के महल...मंदिर में अहांके देशी विदेशी दुनू शैलीके समागम देखयके मिलत...छोट-छोट बात के विशेष ध्यान गेल अछि...चाहे मेहराब हो....गुम्बद हो... शिल्पकला के बेजोड़ नमूनादेखबाक लेल मिलय अछि...भने ई खंडहर में बदलि गेल अछि...आईओ १०० साल बाद एकर भव्यता...खूबसूरतीबेजोड़ अछि...
20 Sep, 2007
दरभंगा स राजनगर
एहि बेर गर्मी छुट्टी में मन भेल जे दरभंगा राज सS राजनगर तक घुमल जाय... बिहार सम्पर्क क्रांति ट्रेन पकड़ि चलि पड़लऊ दरभंगा...गाम घर...अपन इलाका में पहुंचबाक खुशी...होइत छल जे कतेक जल्दी डेरा पर पहुंचु...ओहि दिन दरभंगा में मुसलाधार पानि रुकय के नामे नहि लैत छल...चप्पल उतारि..पेंट खोंसि स्टेशन सँ बाहर आबि ठेहुन भरि कादो पानि के बीच केहुना रिक्शा लय डेरा दिस विदा भेलहुं...भरि रास्ता लागय जे रिक्शा सS आब खसलहुं की तब खसलहुं...रोडक कतहुं पते नहिं चलय...ठेहुन भरि पानि स रिक्शा वाला सेहो परेशान छल...डेरा पहुंचि नहा-घो क टावर चौक दिस चलि देलंहु॥ चलय स पहिने अपन सभ जान पहचान वाला के फोन कय देलयन्हि दे आबि गेल छी...ओहि दिन वार्ड कमिश्नर चुनाव के रिजल्ट सेहो निकलल रहय ताहि शहर में काफी हो हल्ला रहय...सांझ में हमर सभक जुटानि भेल आजतक के रिपोर्टर प्रहलाद जी...उर्फ किलु जी के घर पर.... ओहि में सहारा समय राष्ट्रीय चैनल के जयपाल शर्मा जी...अजय मोहन प्रसाद जी...रोजाना के मणिशंकर जी...आंखो देखी के पप्पुजी...आओर एनडीटीवी के प्रमोद गुप्ता जी सेहो छलाह...हम १९८८ सँ २००१ तक प्रमोद जी के पिताजी श्री रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता जी के तिरहुतवाणी में काम कअने छलहुं...गप्प...हंसी ठहाका में राति केना गुजरि गेल पता नहिं चलल...खैर तय भेल जे कालि राज कैम्पस घुमय लेल चलल जाइत...
राज कैम्पस में गेला पर ऊ पुरान दिन याद आबि गेल...आब त चारों दिस अतेक निर्माणक काज चलि रहल अछि जे राज परिसर के भव्यता खत्म भ गेल अछि...मार्केट बनि गेल अछि...परिसर त छोडू...किला के अंदर सेहो मकान सभ बनि गेल अछि... राजाक भव्य महल...किला के संरक्षण के जरूरत छल मुदा ओहि पर कोनो ध्यान नहि देल गेल अछि...आलीशान पैलेस खंडहर में तब्दील भ रहल अछि...
राज परिसर सँ भारि मने राजनगर लेल विदा भेलहुं...केवटी...रहिका...मधुबनी होयत राजनगर पहुंचला पर दरभंगा से ज्यादा दुख भेल... एहि ठाम काली मंदिर... महावीर मंदिर...सभ जीर्ण शीर्ण अवस्था में आबि गेल अछि... कोनो देखरेख नहिं...राज परिसर में लोक सभ अपन अप

